रायपुर, 3 सितंबर 2026
कवर्धा में शुरू हुए नए मेडिकल कॉलेज के पहले सत्र में जिले के ही छात्र ने प्रवेश लेकर इसे यादगार बना दिया है। सहसपुर लोहारा निवासी हिमांशु देवांगन कवर्धा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले जिले के प्रथम विद्यार्थी बने हैं। इस उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने महानदी भवन, नवा रायपुर से हिमांशु को फोन कर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
कवर्धा मेडिकल कॉलेज में इसी शैक्षणिक सत्र से 50 एमबीबीएस सीटों के साथ चिकित्सा शिक्षा की शुरुआत हुई है। ऐसे समय में जिले के ही विद्यार्थी का पहले सत्र में प्रवेश लेना स्थानीय स्तर पर चिकित्सा शिक्षा के नए अध्याय की शुरुआत को और खास बना रहा है।
फोन पर बातचीत के दौरान उप मुख्यमंत्री ने हिमांशु से उसकी स्कूली शिक्षा, नीट की तैयारी और मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। हिमांशु ने बताया कि उसने कक्षा 12वीं में 83 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं और नीट परीक्षा में 512 अंक प्राप्त किए। मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए उसने भिलाई में कोचिंग भी ली थी। बातचीत में हिमांशु ने चिकित्सा शिक्षा के प्रति अपनी रुचि और आगे की पढ़ाई को लेकर अपनी योजनाएं भी साझा कीं।
विजय शर्मा ने हिमांशु का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। उन्होंने छात्र से पूरी मेहनत, लगन और अनुशासन के साथ पढ़ाई करने तथा अपने परिवार के सपनों के साथ जिले का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
उप मुख्यमंत्री ने हिमांशु को चिकित्सा शिक्षा पूरी करने के बाद अच्छे संस्थानों और अस्पतालों में काम कर अनुभव हासिल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पेशेवर सफलता के साथ समाज और अपने क्षेत्र के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी बनाए रखना जरूरी है। अपनी शिक्षा और अनुभव का उपयोग जरूरतमंद लोगों की सेवा में करने का प्रयास करें, ताकि उनकी सफलता का लाभ समाज तक भी पहुंचे।
कवर्धा मेडिकल कॉलेज का संचालन इसी सत्र से शुरू होने के पीछे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल को भी महत्वपूर्ण बताया गया है। 50 एमबीबीएस सीटों के साथ कॉलेज शुरू होने से कवर्धा और आसपास के विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही चिकित्सा शिक्षा हासिल करने का नया अवसर मिला है। अब मेडिकल की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को बड़े शहरों का रुख करने की जरूरत पहले की तुलना में कम होगी।
कवर्धा मेडिकल कॉलेज की शुरुआत और उसी के पहले सत्र में जिले के छात्र हिमांशु देवांगन का प्रवेश स्थानीय विद्यार्थियों के लिए भी एक नई उम्मीद और प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है।
