रायपुर, 03 सितम्बर 2026
ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल भुगतान ने जिंदगी आसान की है, लेकिन इसके साथ साइबर ठगी के नए खतरे भी बढ़े हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में छत्तीसगढ़ पुलिस ने साइबर जागृति अभियान के तहत एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की। इसमें विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों और विद्यार्थियों को साइबर अपराध के बदलते तरीकों की जानकारी देने के साथ यह भी बताया गया कि ठगी की स्थिति में तत्काल क्या कदम उठाए जाने चाहिए।
कार्यशाला में कृषि विकास, किसान कल्याण तथा आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम मुख्य अतिथि रहे। कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल विशिष्ट अतिथि और रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला अध्यक्ष के रूप में शामिल हुए। पुलिस अधिकारियों ने प्रतिभागियों को फिशिंग लिंक, ओटीपी फ्रॉड, फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी नौकरी और निवेश योजनाओं के नाम पर होने वाली ठगी के तरीकों को समझाया।
मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि डिजिटल दौर में तकनीक का इस्तेमाल जितना बढ़ रहा है, उतनी ही सावधानी बरतना भी जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए पुलिस का जागरूकता अभियान महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऑनलाइन लेनदेन और इंटरनेट आधारित सेवाओं का उपयोग करते समय किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें और अपनी गोपनीय जानकारी सुरक्षित रखें।

रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कार्यशाला में साइबर ठगी के बढ़ते दायरे पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों में देश में साइबर अपराध और ठगी के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। उनके अनुसार इसी अवधि में साइबर ठगी से जुड़ी राशि में भी बड़ा इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि ठग लगातार नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए केवल तकनीकी जानकारी ही नहीं बल्कि सतर्क डिजिटल व्यवहार भी जरूरी है।
छत्तीसगढ़ पुलिस का साइबर जागृति अभियान 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है। इसके तहत स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, बैंक खाताधारकों, वरिष्ठ नागरिकों, कर्मचारियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य अलग-अलग वर्गों तक पहुंचकर ऑनलाइन अपराधों की पहचान और उनसे बचाव के व्यावहारिक तरीके बताना है।
पुलिस ने नागरिकों से कहा है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम कार्ड नंबर, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान कॉल पर भरोसा करने और लालच या धमकी में आकर पैसे ट्रांसफर करने से बचें। ऑनलाइन ठगी होने पर देरी किए बिना राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।
कार्यशाला में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. कपिल देव दीपक, कृषि महाविद्यालय रायपुर के अधिष्ठाता, विभिन्न विभागों के संचालक, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
