रायपुर, 03 सितम्बर 2026
छत्तीसगढ़ में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और पुराने जलस्रोतों को बेहतर बनाने की दिशा में जल संसाधन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में सिंचाई योजनाओं से जुड़े 36 कार्यों के लिए कुल 146 करोड़ 43 लाख 95 हजार रुपये की स्वीकृति दी है। इन कार्यों में जलाशयों का नवीनीकरण, बांध और नहरों का उन्नयन, एनीकट व स्टापडेम निर्माण तथा सिंचाई व्यवस्था के विस्तार से जुड़े काम शामिल हैं।
स्वीकृत योजनाओं का बड़ा हिस्सा सरगुजा संभाग के जिलों में है, जहां जलाशयों और नहरों की क्षमता बढ़ाने के साथ नए सिंचाई ढांचे विकसित किए जाएंगे। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में खरला एनीकट, झिरियानाला स्टापडेम, खटम्बर व्यपवर्तन, कोडांगी व्यपवर्तन, कौड़िया एनीकट और गुडरू व्यपवर्तन जैसी योजनाओं के लिए राशि मंजूर की गई है। इन कार्यों से विभिन्न क्षेत्रों में सैकड़ों हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है।
कोरिया जिले में सलबा, चम्पाझर और मुरमा जलाशयों के बांध एवं नहरों के उन्नयन के कार्य किए जाएंगे। इन योजनाओं का उद्देश्य मौजूदा सिंचाई ढांचे को दुरुस्त कर उसकी उपयोगिता बढ़ाना है। वहीं सूरजपुर जिले में कल्याणपुर, बद्रिकाश्रम, पसला, जामडीह और गंगोटी जलाशयों के नवीनीकरण सहित डांडकरवां एनीकट और मायापुर-2 जलाशय से जुड़े कार्यों को मंजूरी मिली है।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में चरगढ़ नाला स्टापडेम, कामेश्वरनगर जलाशय-02, बाहरचुरा बांध, जरहाडी नाला एनीकट, अलखडीहा और भुरसाटोली जलाशय से संबंधित कार्य किए जाएंगे। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में सिंचाई क्षमता बढ़ने से किसानों को खेती के लिए अधिक भरोसेमंद जलस्रोत उपलब्ध होने की संभावना है।
सरगुजा जिले में बोदार नाला और बकमेर में स्टापडेम कम काजवे, चन्दनई व्यपवर्तन योजना का नवीनीकरण, कंचनपुर जलाशय की नहर का जीर्णोद्धार, लेदराडांड करोवापारा व्यपवर्तन, मांड नदी भण्डारडांड में एनीकट तथा सरमना में सिंचाई सुधार और विस्तार से जुड़े कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इनमें कई योजनाओं से 100 से 200 हेक्टेयर तक के क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलने का अनुमान है।
जशपुर जिले में भी सिंचाई से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों को मंजूरी मिली है। लुखी और हर्री जलाशय योजनाओं के निर्माण, पायर-पखना-सुकबासुपारा-बारो स्टापडेम तथा तुम्बाजोर व्यपवर्तन योजना के शीर्ष कार्य के लिए राशि स्वीकृत की गई है। तुम्बाजोर योजना के पूरा होने पर अकेले करीब 415 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलने का अनुमान है। इसके अलावा दाराखारिया में छठघाट निर्माण, कुनकुरी कार्यालय भवन तथा पत्थलगांव उप संभाग कार्यालय और चार आवासीय भवनों के उन्नयन से जुड़े कार्य भी स्वीकृत किए गए हैं।
जल संसाधन विभाग के अनुसार इन परियोजनाओं का फोकस सिंचाई क्षमता बढ़ाने के साथ पुराने जलस्रोतों और नहर तंत्र को बेहतर बनाने पर है। योजनाओं के पूरा होने से कृषि क्षेत्र को पानी की उपलब्धता बढ़ाने और किसानों को खेती के लिए बेहतर सिंचाई आधारभूत सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
