धमतरी
भाजपा नेतृत्व आरक्षण विरोधियों से संवाद कर रहा है तो देश के सामने अपना संवैधानिक रुख भी स्पष्ट करे।
ओबीसी संयोजन समिति के राष्ट्रीय प्रचारक एवं युवा सामाजिक कार्यकर्ता टिकेश्वर साहू ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा द्वारा ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ के प्रतिनिधियों से मुलाकात पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आरक्षण समाप्त करने की मांग करने वालों को राजनीतिक महत्व देना सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ रहे करोड़ों वंचितों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि आरक्षण किसी सरकार, पार्टी या नेता की कृपा नहीं, बल्कि संविधान द्वारा सामाजिक एवं ऐतिहासिक रूप से वंचित वर्गों को प्रतिनिधित्व और अवसर सुनिश्चित करने की व्यवस्था है। इसलिए आरक्षण खत्म करने की मांग केवल किसी नीति पर असहमति नहीं, बल्कि उसके व्यापक सामाजिक और संवैधानिक प्रभाव पर गंभीर राष्ट्रीय बहस का विषय है।

टिकेश्वर साहू ने सवाल किया-जब देश में OBC, STऔर SC वर्ग आज भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व और समान अवसर के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तब आरक्षण समाप्त करने की मांग करने वालों को राजनीतिक महत्व देना पूर्णतः गलत और असामाजिक है।?”
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति और संगठन को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है कि वे संविधान और सामाजिक न्याय के प्रश्न पर अपना स्पष्ट रुख जनता के सामने रखें।
साहू ने कहा कि यदि आरक्षण विरोधी संगठनों से बातचीत हो सकती है, तो आरक्षण के पक्ष में संघर्ष कर रहे OBC, SC और ST संगठनों से भी समान गंभीरता और सम्मान के साथ संवाद होना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि आरक्षण पर किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या उसे कमजोर करने की कोशिश का लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से व्यापक विरोध किया जाएगा। वंचित वर्ग अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होकर लोकतांत्रिक आंदोलन को और मजबूत करेगा।
आरक्षण हमारी भीख नहीं—संवैधानिक अधिकार है।
सामाजिक न्याय से समझौता नहीं होगा। आरक्षण विरोधी राजनीति के खिलाफ देशभर में लोकतांत्रिक आवाज बुलंद की जाएगी।
