हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटीं बहनों ने DRG जवानों की कलाई पर बांधी राखी, दिया शांति और विश्वास का संदेश
रायपुर, 28 अगस्त 2026
बस्तर के अबूझमाड़ क्षेत्र में बदलाव और शांति की नई बयार दिखाई दे रही है। कभी हिंसा के रास्ते पर चलने वाली, लेकिन अब आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुकी महिला माओवादियों ने रक्षाबंधन के अवसर पर नारायणपुर पुलिस के DRG परिसर में जवानों और पुलिस अधिकारियों की कलाई पर राखी बांधी। इस पहल ने रक्षाबंधन के पवित्र पर्व को शांति, विश्वास और अपनत्व के संदेश से जोड़ दिया।

कार्यक्रम के दौरान आत्मसमर्पित महिलाओं ने पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अक्षय साबद्रा, अजय कुमार, ऐश्वर्य चंद्राकर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को राखी बांधी। यह दृश्य बदलते बस्तर और सुरक्षा बलों तथा स्थानीय समाज के बीच बढ़ते विश्वास का भावुक उदाहरण बना।

एक समय भय और संघर्ष के माहौल में जीवन बिताने वाली ये महिलाएं आज पुलिस परिवार के साथ आत्मीयता और अपनत्व का रिश्ता साझा करती नजर आईं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल ने कहा कि रक्षाबंधन केवल प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का भी प्रतीक है। मुख्यधारा में लौटे लोगों को सम्मानजनक जीवन और सुरक्षा का एहसास दिलाना पुलिस एवं समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

डीआरजी परिसर में मनाया गया यह रक्षाबंधन इस बात का संदेश बना कि बंदूक और हिंसा की राह से अधिक ताकतवर संवाद, विश्वास और अपनत्व की डोर है। नारायणपुर का यह आयोजन अबूझमाड़ में शांति, भाईचारे और विकास की नई उम्मीद को मजबूत करता दिखाई दिया।
