176 गांवों में 55 हजार से अधिक खसरों का हो रहा डिजिटल क्रॉप सर्वे
रायपुर, 26 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ में कृषि भूमि और फसलों का सटीक एवं पारदर्शी डेटा तैयार करने के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) अभियान चलाया जा रहा है। एग्री स्टैक योजना के तहत शुरू किए गए इस अभियान में मोबाइल ऐप और सैटेलाइट इमेजरी की मदद से खेतों में बोई गई फसलों की जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जा रही है। सर्वेयर मौके पर पहुंचकर फसल की फोटो लेकर ऐप पर अपलोड कर रहे हैं, जिससे कृषि और राजस्व से जुड़ा डेटा अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाया जा सके।
नारायणपुर जिले में 17 अगस्त 2026 से डिजिटल क्रॉप सर्वे अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत जिले के 176 गांवों में कुल 55 हजार 638 खसरों और प्लॉटों का डिजिटल सर्वे किया जा रहा है। पारंपरिक मैन्युअल गिरदावरी व्यवस्था की तुलना में यह व्यवस्था कृषि भूमि और फसलों की वास्तविक स्थिति को डिजिटल माध्यम से दर्ज करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मैदानी स्तर पर हो रही लगातार निगरानी
कलेक्टर के मार्गदर्शन में अभियान को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिए प्रशासनिक अमला लगातार मैदानी स्तर पर निगरानी कर रहा है। अपर कलेक्टर एवं भू-अभिलेख प्रभारी अधिकारी ने विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर सर्वे कार्य का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सर्वेयरों और सुपरवाइजरों से सीधे संवाद कर कार्य की प्रगति की जानकारी ली तथा मौके पर सामने आ रही तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

30 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य
जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे को 30 सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान की शुरुआत के बाद से सर्वे कार्य ने गति पकड़ी है और अब तक लगभग 8 हजार खसरों का डिजिटल सर्वे पूरा किया जा चुका है। शेष खसरों का सर्वे निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिए मैदानी अमले को सक्रिय किया गया है।
160 सर्वेयर और 29 सुपरवाइजर संभाल रहे जिम्मेदारी
डिजिटल क्रॉप सर्वे को व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के लिए जिले में व्यापक मैदानी व्यवस्था की गई है। कुल 160 सर्वेयर खेतों में जाकर खसरों और फसलों की जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज कर रहे हैं। वहीं 29 सुपरवाइजर सर्वे कार्य का सत्यापन और गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित कर रहे हैं। राजस्व एवं कृषि विभाग के 21 विशेष अधिकारियों को निगरानी और नियमित निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है।
किसानों को मिलेगा योजनाओं का बेहतर लाभ
डिजिटल क्रॉप सर्वे से जिले में फसलों का वास्तविक और सटीक डेटा उपलब्ध होगा। इससे किसानों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। फसल बीमा, प्राकृतिक आपदा की स्थिति में राहत राशि और न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसी व्यवस्थाओं में भी सही फसल डेटा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
डिजिटल सर्वे के माध्यम से कृषि भूमि और फसल संबंधी जानकारी का रिकॉर्ड अधिक व्यवस्थित एवं आधुनिक बनेगा। इससे प्रशासन को कृषि क्षेत्र की बेहतर योजना बनाने में सहायता मिलेगी और किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी हो सकेगी।
नारायणपुर जिले में प्रशासनिक अधिकारियों की लगातार निगरानी, सर्वेयरों की सक्रियता और तकनीकी व्यवस्था के साथ डिजिटल क्रॉप सर्वे तेजी से आगे बढ़ रहा है। 30 सितंबर तक जिले के सभी 55 हजार 638 खसरों का सर्वे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह अभियान नारायणपुर के कृषि क्षेत्र को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने के साथ भविष्य में किसानों और प्रशासन दोनों के लिए अधिक सटीक एवं पारदर्शी कृषि व्यवस्था की मजबूत नींव तैयार करेगा।
