एमसीबी, 26 अगस्त 2026
भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश के बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए 500 से अधिक बीएलओ और 30 बीएलओ पर्यवेक्षकों ने हिस्सा लिया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपने संबोधन में बीएलओ को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का आधार स्तंभ बताते हुए कहा कि मतदाता सूचियों की तैयारी और भारत में चुनावों का संचालन संविधान, कानून और भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप किया जाता है। उन्होंने कहा कि बीएलओ चुनावी प्रक्रिया में विश्वास और पारदर्शिता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और नागरिकों के साथ निर्वाचन आयोग का पहला संपर्क सूत्र हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के बीएलओ ने मतदाता सूची तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस वर्ष अप्रैल में राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के समापन के बाद प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में 13.39 करोड़ से अधिक मतदाता शामिल किए गए। यह कार्य 1.77 लाख बीएलओ द्वारा किया गया, जिसमें मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 5.82 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंटों (BLAs) द्वारा समवर्ती ऑडिट भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान बीएलओ के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त के साथ प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें अधिकारियों ने अपनी शंकाओं और जिज्ञासाओं को सीधे मुख्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष रखा और उनका समाधान प्राप्त किया।
