रायपुर, 26 अगस्त 2026
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने माताओं और बहनों के जीवन में सुविधा और सहजता लाने का काम किया है। स्वच्छ ईंधन की उपलब्धता से ग्रामीण परिवारों की रसोई में बड़ा बदलाव आया है। कभी लकड़ी और सिगड़ी के सहारे खाना पकाने वाली महिलाओं के लिए अब गैस चूल्हा रोजमर्रा के काम को आसान बनाने का माध्यम बन गया है। कोरबा जिले के ग्राम दादर खुर्द की श्रीमती पुष्पा बाई भी ऐसी ही हितग्राही हैं, जिनके जीवन में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से रसोई की मुश्किलें कम हुई हैं और खाना बनाना पहले की तुलना में काफी सुविधाजनक हो गया है।
श्रीमती पुष्पा बाई बताती हैं कि योजना का लाभ मिलने से पहले उन्हें खाना पकाने के लिए लकड़ी और सिगड़ी पर निर्भर रहना पड़ता था। रोजाना लकड़ी की व्यवस्था करना और उसे जलाकर खाना बनाना काफी मेहनत वाला काम था। बरसात के दिनों में गीली लकड़ियों के कारण परेशानी और बढ़ जाती थी। सिगड़ी जलाने में समय लगता था और रसोई में धुएं के बीच खाना बनाना पड़ता था।
उज्ज्वला योजना से गैस कनेक्शन मिलने के बाद उनके दैनिक जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब जरूरत के अनुसार आसानी से गैस का उपयोग कर भोजन तैयार कर लेती हैं। इससे खाना बनाने में लगने वाला समय और मेहनत दोनों कम हुए हैं। खासकर बारिश के मौसम में गीली लकड़ियों और सिगड़ी जलाने की परेशानी से राहत मिली है। रसोई का काम अब पहले की तुलना में अधिक सहज और सुविधाजनक हो गया है।
पुष्पा बाई कहती हैं कि गैस की सुविधा से उन्हें घरेलू कामकाज के लिए भी अधिक समय मिल जाता है। पहले खाना बनाने के लिए लकड़ी जुटाने से लेकर सिगड़ी जलाने तक कई तरह की तैयारियां करनी पड़ती थीं, लेकिन अब जरूरत के समय आसानी से भोजन तैयार हो जाता है। उनके लिए उज्ज्वला योजना केवल गैस कनेक्शन नहीं, बल्कि रोजमर्रा के जीवन में सुविधा और राहत का माध्यम बनी है।
योजना से मिले लाभ पर खुशी जाहिर करते हुए श्रीमती पुष्पा बाई ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘विष्णु भैया’ ने माताओं-बहनों की जरूरत और स्वास्थ्य का ध्यान रखा है। गैस की सुविधा मिलने से उनका जीवन आसान हुआ है और खाना बनाना पहले की तुलना में काफी सुविधाजनक हो गया है। उन्होंने महिलाओं के लिए ऐसी उपयोगी योजना का लाभ दिलाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से स्वच्छ ईंधन की पहुंच बढ़ने के साथ ग्रामीण महिलाओं के दैनिक जीवन में सुविधा का विस्तार हुआ है। पुष्पा बाई की कहानी इस बदलाव को दर्शाती है, जहां धुएं और लकड़ी की परेशानी से राहत मिलने के साथ रसोई का काम आसान हुआ है और महिलाओं को अपने समय का बेहतर उपयोग करने का अवसर मिला है।
