रायपुर, 26 अगस्त 2026
बस्तर जिले के तोकापाल विकासखंड के ग्राम मेटावाड़ा निवासी रैमती मौर्य महतारी वंदन योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता का उपयोग परिवार की जरूरतों के साथ अपने दो नाती की पढ़ाई में भी कर रही हैं। हर महीने मिलने वाली राशि से वे बच्चों के लिए पेन, कॉपी सहित अन्य आवश्यक सामग्री खरीदने में सहयोग करती हैं।
रैमती मौर्य बताती हैं कि महतारी वंदन योजना ने महिलाओं को अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए आर्थिक रूप से सक्षम बनाया है। योजना की राशि से अब उन्हें कई आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और वे परिवार की आर्थिक जरूरतों में भी अपना योगदान दे पा रही हैं।
बिहान समूह से जुड़कर बढ़ाया आत्मविश्वास
रैमती मौर्य करीब दस वर्ष पहले राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी थीं। वर्तमान में वे अमृता स्व-सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। समूह के माध्यम से विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर उन्होंने आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है।
वर्तमान में रैमती क्लस्टर संगठन से आर्थिक सहायता लेकर साग-सब्जी की खेती कर रही हैं। खेत में उत्पादित सब्जियों को वे तोकापाल के साप्ताहिक बाजार और केशलूर में बेचती हैं। इससे उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिल रही है।
31वीं किस्त को बताया रक्षाबंधन की सौगात
रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त मिलने पर रैमती मौर्य ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह राशि हम बहनों के लिए रक्षाबंधन की विशेष सौगात है।
रैमती ने कहा कि महतारी वंदन योजना की सहायता से वे परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ अपने नाती की पढ़ाई में भी सहयोग कर पा रही हैं। वहीं, बिहान समूह से जुड़कर आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाने से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। उन्होंने महतारी वंदन योजना और बिहान के माध्यम से मिले सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया।
