रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बिजली दरों में बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटर के मुद्दे को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सोमवार को रायपुर स्थित राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बिजली की बढ़ी हुई दरों और स्मार्ट मीटर व्यवस्था का विरोध करते हुए इसे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा बिजली दरों में लगातार पांचवीं बार वृद्धि की गई है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं, किसानों और छोटे व्यवसायियों पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राहत देने के बजाय लगातार जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है।

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कांग्रेस ने घोषणा की है कि 17 जून को प्रदेश के सभी जिलों में बिजली कार्यालयों का घेराव किया जाएगा और मुख्यमंत्री, जो राज्य के बिजली मंत्री भी हैं, का पुतला दहन किया जाएगा। इसके बाद 18 जून को सभी जिला मुख्यालयों में पत्रकार वार्ताएं आयोजित कर बिजली दर वृद्धि और स्मार्ट मीटर के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। वहीं जुलाई के प्रथम सप्ताह से कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर आवेदन भरवाकर स्मार्ट मीटर हटाने की मांग को लेकर जनअभियान चलाएंगे।
दीपक बैज ने कहा कि इस बार घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की गई है, जबकि गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे तक की वृद्धि की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को भी राहत नहीं दी गई और कृषि पंपों की बिजली दरों में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है।
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में अब तक कुल 31.23 प्रतिशत तक बिजली दरों में वृद्धि की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान पांच वर्षों में केवल 2 पैसे की वृद्धि हुई थी और उस समय 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना भी लागू थी, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलती थी।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को औसत से कई गुना अधिक बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। दीपक बैज ने कहा कि जून माह में 45 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को सामान्य से तीन गुना तक अधिक बिजली बिल प्राप्त हुए हैं, जिससे आम लोग परेशान हैं।

उन्होंने स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर वास्तविक खपत से अधिक रीडिंग दर्ज कर रहे हैं। इसके कारण उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों से शिकायतें मिल रही हैं कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली खपत और बिल दोनों में असामान्य वृद्धि हुई है।
दीपक बैज ने कहा कि बढ़े हुए बिजली बिल के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं। पहला, बिजली दरों में लगातार वृद्धि। दूसरा, बिजली बिल हाफ योजना का बंद होना। और तीसरा, स्मार्ट मीटर के कारण बढ़ी हुई खपत का आकलन। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर उठे विवादों के बाद वहां की सरकार ने इसे वापस लेने का निर्णय लिया है और छत्तीसगढ़ सरकार को भी जनहित में ऐसा ही कदम उठाना चाहिए।
पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ कांग्रेस नेता धनेन्द्र साहू, पूर्व मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल, संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
हालांकि, बिजली दर वृद्धि और स्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर राज्य सरकार या विद्युत विभाग की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
