रायपुर। आधुनिक कृषि तकनीकों ने छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। कोरबा जिले के ग्राम पतरापाली की महिला किसान श्रीमती राजश्री मार्को ने ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक अपनाकर टमाटर की खेती में ऐसी सफलता हासिल की कि एक ही सीजन में करीब 10 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया। उनकी यह सफलता अब क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन गई है।
राष्ट्रीय बागवानी मिशन से मिली तकनीकी मदद
श्रीमती राजश्री मार्को ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत उद्यानिकी विभाग की योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर वर्ष 2024-25 में 1.20 हेक्टेयर भूमि पर आधुनिक तकनीक से हाइब्रिड टमाटर की खेती शुरू की।
उन्होंने खेत में ड्रिप (टपक) सिंचाई प्रणाली और मल्चिंग शीट का उपयोग किया, जिससे फसल को आवश्यकता के अनुसार पानी और पोषक तत्व मिले। साथ ही खेत की नमी लंबे समय तक बनी रही और पौधों का विकास बेहतर हुआ।
एक सीजन में 120 टन तक टमाटर का उत्पादन
आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक खेती का परिणाम यह रहा कि श्रीमती राजश्री ने एक ही सीजन में 100 से 120 टन उच्च गुणवत्ता वाले टमाटर का उत्पादन प्राप्त किया।
उत्पादित टमाटरों की बाजार में बिक्री से उन्हें 8 से 10 लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ हुआ। यह उपलब्धि दर्शाती है कि सीमित भूमि और संसाधनों के बावजूद आधुनिक तकनीकों के जरिए खेती को लाभदायक व्यवसाय बनाया जा सकता है।
कम पानी में अधिक उत्पादन, लागत में भी आई कमी
ड्रिप सिंचाई प्रणाली के उपयोग से पौधों की जड़ों तक आवश्यकता के अनुसार पानी और घुलनशील उर्वरक सीधे पहुंचे, जिससे पानी की बचत के साथ पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हुआ।
वहीं मल्चिंग शीट के इस्तेमाल से खेत में खरपतवार की समस्या काफी हद तक नियंत्रित रही। इससे निराई-गुड़ाई पर होने वाला खर्च कम हुआ, श्रम की आवश्यकता घटी और उत्पादन लागत में भी कमी आई। साथ ही खेत की नमी लंबे समय तक बनी रहने से फसल को अनुकूल वातावरण मिला और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
आधुनिक तकनीक ने बढ़ाया आत्मविश्वास
नई तकनीकों से मिले बेहतर परिणामों ने श्रीमती राजश्री मार्को का आत्मविश्वास बढ़ाया है। अब वे स्वयं आधुनिक उद्यानिकी तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ आसपास के किसानों को भी वैज्ञानिक खेती के लिए प्रेरित कर रही हैं।
उनके खेत को देखने और ड्रिप सिंचाई तथा मल्चिंग तकनीक को समझने के लिए क्षेत्र के किसान लगातार पहुंच रहे हैं।
अन्य किसानों के लिए बनीं प्रेरणा
श्रीमती राजश्री मार्को की सफलता से प्रेरित होकर क्षेत्र के कई किसान अब ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और उन्नत उद्यानिकी फसलों की खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
उद्यानिकी विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी मिशन के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री और आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।
वैज्ञानिक खेती से बदल रही किसानों की तस्वीर
श्रीमती राजश्री मार्को की सफलता यह साबित करती है कि यदि किसान आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग करें, तो कम भूमि और सीमित संसाधनों में भी अधिक उत्पादन के साथ बेहतर आय अर्जित की जा सकती है। उनकी उपलब्धि छत्तीसगढ़ में वैज्ञानिक खेती और आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।
