दुर्ग।
जल संसाधनों के संरक्षण और सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा के उद्देश्य से दुर्ग जिले में हनोदा माइनर नहर क्षेत्र में विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में जल संसाधन विभाग और नगर पालिक निगम रिसाली की संयुक्त टीम ने नहर क्षेत्र और विभागीय भूमि पर वर्षों से किए गए अवैध कब्जों को हटाकर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया।
अभियान के तहत हनोदा माइनर नहर के डीपीएस स्कूल से वीआईपी नगर तक फैले क्षेत्र में कार्रवाई की गई। प्रशासन के अनुसार यह नहर जल प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। नहर किनारे हुए अतिक्रमणों के कारण न केवल शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे की स्थिति बनी हुई थी, बल्कि नहर के रखरखाव, निरीक्षण और मरम्मत कार्यों में भी लगातार बाधाएं उत्पन्न हो रही थीं।
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अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई से पहले संबंधित अतिक्रमणकर्ताओं को नोटिस देकर स्वेच्छा से कब्जा हटाने का पर्याप्त अवसर दिया गया था। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन करते हुए संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।
अभियान के दौरान नगर पालिक निगम रिसाली और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने समन्वय के साथ कार्य किया। पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई गई, जिससे नहर क्षेत्र को उसके मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित किया जा सका।
कार्यपालन अभियंता आशुतोष सारश्वत ने बताया कि जल संसाधन विभाग के अधीन आने वाली नहरों, अनुरक्षण मार्गों, जल संरचनाओं और शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभाग लगातार अपने अधिकार क्षेत्र की निगरानी कर रहा है और जहां भी अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि नहरें और शासकीय भूमि सार्वजनिक संपत्ति हैं, जिनका संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। इन परिसंपत्तियों का सुरक्षित और उद्देश्यपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे नहरों और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण न करें तथा सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण में सहयोग करें।
प्रशासन का कहना है कि जल संसाधनों की सुरक्षा और शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि जनहित से जुड़े विकास कार्यों और सिंचाई व्यवस्थाओं पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
