बिलासपुर।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर के मधुबन क्षेत्र में निर्माणाधीन एजुकेशन सिटी, नालंदा परिसर और एकेडमिक ब्लॉकों का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को परियोजना की वर्तमान स्थिति और आगामी विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
करीब 120 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही यह महत्वाकांक्षी परियोजना लगभग 13 एकड़ क्षेत्र में तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों और युवाओं को एक ही परिसर में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
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परियोजना के प्रथम चरण में 500 सीट क्षमता वाले नालंदा परिसर का निर्माण किया जा रहा है। यहां पब्लिक लाइब्रेरी, डिजिटल लाइब्रेरी, ई-लर्निंग जोन, अत्याधुनिक रीडिंग हॉल, किड्स रीडिंग एरिया, कैफेटेरिया और लिफ्ट जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण मिल सके।

इसके साथ ही तीन एकेडमिक ब्लॉकों की योजना बनाई गई है, जहां कोचिंग कक्षाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम, सेमिनार, करियर गाइडेंस और स्किल डेवलपमेंट गतिविधियां संचालित होंगी। वर्तमान में दो ब्लॉकों का निर्माण कार्य जारी है, जबकि तीसरे ब्लॉक के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
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एजुकेशन सिटी में विद्यार्थियों के लिए छात्रावास सुविधा भी विकसित की जाएगी। परिसर में पहले से निर्मित आवासीय इकाइयों को हॉस्टल के रूप में उपयोग करने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा पार्किंग, गार्डन, कैफेटेरिया, ओपन स्पेस और रिवर फ्रंट जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
अधिकारियों के अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद एक समय में लगभग 4 से 5 हजार विद्यार्थी यहां अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। यह एजुकेशन सिटी बिलासपुर को प्रदेश के प्रमुख शैक्षणिक और प्रतियोगी परीक्षा केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
