रायपुर ।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत बिलासपुर प्रवास के दौरान बिलासपुर संभाग के पांच जिलों—बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। बैठक में विकास कार्यों, राजस्व प्रकरणों, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और जनसमस्याओं का संवेदनशील, पारदर्शी तथा समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ नागरिकों को बिना भटकाव के त्वरित समाधान उपलब्ध कराना है।
बैठक में नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और अन्य लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरण सीधे आम लोगों की जमीन, आजीविका और अधिकारों से जुड़े होते हैं, इसलिए इनमें अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं है।
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मुख्यमंत्री ने गर्मी के मौसम को देखते हुए सभी जिलों में पेयजल व्यवस्था की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
स्वास्थ्य विभाग को वर्षा ऋतु में संभावित मौसमी बीमारियों की रोकथाम और उपचार के लिए अग्रिम तैयारी करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए जागरूक करने पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान कर कृषि आधारित गतिविधियों से जोड़ा जाए। इससे ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ेगी और कृषि क्षेत्र में तकनीक आधारित नवाचारों को बढ़ावा मिलेगा।
