सुकमा (छत्तीसगढ़) |
सुकमा जिले के सुदूर और पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे गोगुण्डा गांव में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच ने ग्रामीणों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में जिला चिकित्सालय सुकमा द्वारा 10 मोतियाबिंद मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने दुर्गम क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर सर्वे किया और मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों की पहचान की। इसके बाद मरीजों को विशेष वाहनों के माध्यम से जिला चिकित्सालय लाया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका निःशुल्क उपचार और सफल ऑपरेशन किया गया।
यह भी पढ़ें: मुख्यमंत्री ने दी 152 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात,कोंडागांव के विकास का नया स्वर्णिम अध्याय………..आगे पढ़ें
ऑपरेशन के बाद मरीजों की स्वास्थ्य निगरानी की गई तथा पूरी तरह स्वस्थ होने पर उन्हें सुरक्षित उनके गांव वापस भेजा गया। अस्पताल से छुट्टी के दौरान मरीजों को फल वितरित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया गया।
यह भी पढ़ें: गोतमा-कोतासुरा 3.92 करोड़ रुपये सड़क का लोकार्पण वित्त मंत्री ओपी चौधरी…………..आगे पढ़ें

स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों और उनके परिजनों को आसपास के अन्य जरूरतमंद लोगों को भी इलाज के लिए प्रेरित करने की अपील की गई है। यह पहल अब ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान का रूप लेती जा रही है।
यह भी पढ़ें: आम पेड़ की छांव तले लगी जनचौपाल, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं…………..आगे पढ़ें
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि सुकमा के दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार जिले की बदलती तस्वीर को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि नक्सल गतिविधियों में कमी आने के बाद अब शासन की योजनाएं और स्वास्थ्य सेवाएं गांव-गांव तक प्रभावी रूप से पहुंच रही हैं।
इस पहल से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है और अब उन्हें इलाज के लिए दूर शहरों की ओर भटकना नहीं पड़ रहा है। यह अभियान सुकमा में सुशासन और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की एक महत्वपूर्ण मिसाल बनकर उभरा है।
