रायपुर। राज्य सरकार की डिजिटल सुशासन पहल के तहत संचालित सेवा-सेतु केंद्र आम नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं का सबसे भरोसेमंद और सुलभ माध्यम बनकर उभरे हैं। पहले लोक सेवा केंद्र के रूप में संचालित इन केंद्रों में जहां केवल 73 शासकीय सेवाएं उपलब्ध थीं, वहीं अब इनका विस्तार कर 442 डिजिटल सेवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। इससे नागरिकों को आय, जाति, निवास, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर ऑनलाइन और समयबद्ध तरीके से मिल रही हैं।
सेवा-सेतु केंद्रों के माध्यम से सरकारी सेवाओं का डिजिटलीकरण होने से लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, तेज और नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक बन गई है।
आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाना हुआ पहले से कहीं अधिक आसान
सेवा-सेतु केंद्रों की शुरुआत के बाद सबसे अधिक राहत उन नागरिकों को मिली है जिन्हें पहले आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कई बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे।
अब आवेदक सेवा-सेतु केंद्र पर आवश्यक दस्तावेज जमा करते ही उसका आवेदन संबंधित विभाग तक ऑनलाइन पहुंच जाता है। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से पारदर्शिता बढ़ी है और नागरिकों का समय तथा धन दोनों की बचत हो रही है।
एक ही मंच पर उपलब्ध हैं 442 डिजिटल शासकीय सेवाएं
राज्य सरकार द्वारा विकसित इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब केवल प्रमाण पत्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन, श्रम पंजीयन, बिजली, पानी, राजस्व, पंचायत, नगरीय प्रशासन, खाद्य, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग सहित अनेक विभागों की सेवाएं भी एक ही केंद्र पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इस व्यवस्था से अलग-अलग कार्यालयों में जाने की आवश्यकता काफी हद तक समाप्त हो गई है। नागरिक अब एक ही स्थान पर अनेक सरकारी सेवाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर रहे हैं।
रायगढ़ जिले में दिखाई दे रहा सेवा-सेतु का सकारात्मक प्रभाव
रायगढ़ जिले में भी सेवा-सेतु केंद्रों का सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। हाल के दिनों में रायगढ़ तहसील के विभिन्न सेवा-सेतु केंद्रों के माध्यम से राजपाल सिदार, गिरधारी सिदार, मुकेश कुमार विशाल और टेकचंद उरांव सहित अनेक आवेदकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जारी किए गए।
इन सभी मामलों में आवेदन का ऑनलाइन पंजीयन, दस्तावेजों का सत्यापन और प्रमाण पत्र का निर्गमन पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया के तहत संपन्न हुआ। जिले के सेवा-सेतु केंद्रों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए आवेदन कर रहे हैं और समय पर उनका लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
डिजिटल ट्रैकिंग से बढ़ी पारदर्शिता और जवाबदेही
सेवा-सेतु केंद्रों की एक महत्वपूर्ण विशेषता डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली भी है। प्रत्येक आवेदन का ऑनलाइन पंजीयन होने से उसकी पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जा सकती है।
आवेदक अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी ऑनलाइन प्राप्त कर सकता है। इससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनी रहती है और संबंधित विभागों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होती है। समयबद्ध सेवा वितरण के कारण नागरिकों का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत हुआ है।
डिजिटल सुशासन को नई मजबूती दे रहे सेवा-सेतु केंद्र
राज्य शासन का उद्देश्य शासकीय सेवाओं को नागरिकों तक सरल, सुलभ, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है। 442 डिजिटल सेवाओं के एकीकृत मंच के रूप में विकसित सेवा-सेतु केंद्र ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं को नई गति प्रदान कर रहे हैं।
इन केंद्रों के विस्तार से न केवल लोगों का समय और धन बच रहा है, बल्कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन रही हैं। यह पहल सुशासन और ई-गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
जनहितैषी शासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
सेवा-सेतु केंद्र राज्य सरकार की उस सोच का प्रतिबिंब हैं, जिसके तहत सरकारी सेवाओं को नागरिकों के द्वार तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आधुनिक तकनीक, ऑनलाइन सेवाओं और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
सरकार की यह पहल न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बना रही है, बल्कि आम नागरिकों के जीवन को भी अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
