सूरजपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में जागरूकता गतिविधियों को व्यापक स्तर पर गति दी जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विभिन्न जिलों के विद्यालयों में जागरूकता शिविर आयोजित कर छात्र-छात्राओं, किशोर-किशोरियों और आम नागरिकों को महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण, साइबर अपराधों से बचाव, कानूनी अधिकारों तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि महिलाओं और बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाकर सुरक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण करना है।
सूरजपुर में छात्राओं को साइबर सुरक्षा और महिला अधिकारों की दी गई जानकारी
अभियान के तहत सूरजपुर जिले के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बिहारपुर में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में छात्राओं को साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों, उनके विभिन्न स्वरूपों और उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।
इसके साथ ही उन्हें साइबर हेल्पलाइन 1930 पर ऑनलाइन धोखाधड़ी या साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति में वे तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।
महिला सुरक्षा, बाल विवाह और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर हुआ मार्गदर्शन
शिविर के दौरान छात्राओं और उपस्थित नागरिकों को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, मासिक धर्म स्वच्छता, बाल विवाह के दुष्परिणाम, यातायात नियमों तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि समय रहते सही जानकारी और जागरूकता से महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को काफी हद तक रोका जा सकता है। कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं को समाज में अपनी सुरक्षा और अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए भी प्रेरित किया गया।
सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन सेवाओं से कराया गया परिचय
कार्यक्रम में नोनी सुरक्षा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा महतारी वंदन योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गई।
इसके अलावा छात्राओं को सखी वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 181 और आपातकालीन सेवा 112 की उपयोगिता से अवगत कराया गया। शिविर के दौरान आत्मरक्षा प्रशिक्षण का आयोजन किया गया तथा पोषण सामग्री का भी वितरण किया गया।
बलरामपुर में बच्चों को पॉक्सो कानून और गुड टच-बैड टच की दी गई जानकारी
इसी अभियान के अंतर्गत बलरामपुर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गांजर और बड़कागांव में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act), गुड टच-बैड टच, व्यक्तिगत सुरक्षा तथा किसी भी अनुचित घटना की जानकारी तुरंत अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित विभाग को देने के लिए प्रेरित किया गया।
स्वास्थ्य, नशामुक्ति और बाल अधिकारों पर भी दिया गया विशेष जोर
जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान बच्चों और किशोर-किशोरियों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, स्वच्छता, नशामुक्ति, बाल विवाह, बाल श्रम तथा भिक्षावृत्ति की रोकथाम जैसे सामाजिक विषयों पर भी जागरूक किया गया।
साथ ही बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के उद्देश्यों, बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की जानकारी देने के साथ-साथ उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।
सुरक्षित और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ये जागरूकता कार्यक्रम बच्चों और महिलाओं के लिए सुरक्षित, जागरूक और सशक्त वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों और शासकीय योजनाओं की जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा रही है।
राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक बालिका और महिला अपने अधिकारों के प्रति सजग रहे, आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग कर सके और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त कर आत्मनिर्भर एवं सुरक्षित जीवन जी सके।
