“कर्म ही सच्ची पूजा” : श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए Vishnu Deo Sai, प्रदेश की खुशहाली के लिए की प्रार्थना

रायपुर, 10 अप्रैल 2026।
राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai शामिल हुए और व्यासपीठ से प्रवाहित हो रही कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि “कर्म ही सच्ची पूजा है” और हर व्यक्ति को अपने कर्तव्य को ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम मंदिर में दर्शन कर प्रदेश के विकास, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। कथा के दौरान उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, विशेषकर माखनचोरी प्रसंग को भक्तिभाव के साथ सुना। यह धार्मिक आयोजन 6 अप्रैल से 12 अप्रैल तक चल रहा है, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।
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मानव जीवन और सेवा का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसकी सार्थकता तभी है जब हम दूसरों के लिए जीते हैं। उन्होंने सेवा, समर्पण और समाज के प्रति जिम्मेदारी को जीवन का सर्वोच्च धर्म बताया।
उन्होंने कहा कि सच्चाई और निष्ठा के साथ किया गया कर्म ही ईश्वर की सच्ची पूजा है और यही जीवन को सार्थक बनाता है।

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छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक पहचान पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या की जन्मभूमि है, जिससे यह प्रदेश धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत समृद्ध है। उन्होंने दंडकारण्य क्षेत्र, अबूझमाड़ और शिवरीनारायण जैसी पवित्र स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि संतों और परंपराओं की धरती रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि ईश्वर के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ अब नक्सलमुक्ति की ओर तेजी से बढ़ रहा है और विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

रामलला दर्शन योजना से जुड़ाव
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार की रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु अयोध्या में भगवान रामलला के दर्शन कर चुके हैं, जबकि 5 हजार से अधिक बुजुर्गों को विभिन्न तीर्थस्थलों की यात्रा कराई गई है। यह योजना लोगों को आस्था से जोड़ने के साथ-साथ सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा दे रही है।
धार्मिक संरक्षण और गौसेवा पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मांतरण पर नियंत्रण के लिए राज्य में सख्त कानून लागू किया गया है। इसके साथ ही सुरभि गौधाम योजना के माध्यम से गौ माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
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इस खबर में क्या खास?
- धर्म और कर्म का मजबूत संदेश
- आस्था के साथ विकास की बात
- हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी
- धार्मिक और सामाजिक योजनाओं का विस्तार
घर वापसी और गौ सुरक्षा में आपकी क्या सोंच है , कमेंट में साझा करें ।
