बस्तर |
छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और विकास को जोड़ते हुए एक नई पहल की शुरुआत की गई है। केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah और मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की मौजूदगी में नेतनार स्थित सुरक्षा कैंप को “सेवा डेरा” के रूप में विकसित करने की शुरुआत की गई।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री Vijay Sharma भी मौजूद रहे।बस्तर के नेतनार में वर्षों से संचालित सुरक्षा कैंप को अब जनसुविधा केंद्र यानी “सेवा डेरा” के रूप में बदला गया है।
यहां अब आदिवासी ग्रामीणों को:
- स्वास्थ्य सेवाएं
- शिक्षा सुविधाएं
- डिजिटल सेवाएं
- ई-डिस्ट्रिक्ट सुविधाएं
- आजीविका और रोजगार प्रशिक्षण
एक ही स्थान पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

सरकार का कहना है कि इससे दूरस्थ ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म करने का जो संकल्प लिया था, वह आज पूरा हुआ है।उन्होंने कहा कि अब बस्तर में सुरक्षा के साथ विकास और जनसुविधाओं पर फोकस किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सेवा डेरा के जरिए ग्रामीणों को आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं गांव के पास ही उपलब्ध होंगी।सरकार के मुताबिक इन सेवा डेरों में केवल सरकारी सेवाएं ही नहीं, बल्कि स्थानीय रोजगार और स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
यहां:
- इमली प्रसंस्करण
- धान कुटाई
- स्थानीय उत्पादों से जुड़े प्रशिक्षण
- आजीविका गतिविधियां
भी संचालित की जाएंगी।केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि नेतनार का यह कैंप वर्ष 2013 से सुरक्षा कैंप के रूप में काम कर रहा था, लेकिन अब यह आदिवासियों की सेवा के केंद्र के रूप में विकसित होगा।
उन्होंने कहा:
“जब बस्तर में ऐसे 70 सेवा कैंप तैयार हो जाएंगे, तब यह क्षेत्र के लिए नए सूर्योदय और नई आजादी जैसा होगा।”
सरकार इस पहल को बस्तर में सुरक्षा और विकास के संयुक्त मॉडल के रूप में देख रही है। पहले जहां इन इलाकों की पहचान नक्सल प्रभाव से होती थी, वहीं अब इन्हें जनसुविधा और विकास केंद्रों के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
