रायपुर, 27 सितंबर 2026
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर सेवा संकल्प एवं स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर जनसहभागिता से स्वच्छता श्रमदान किया गया। कर्मघोगेश्वर, अमृतधारा, सीतामणी, चांगदेवी और सिद्ध बाबा सहित विभिन्न स्थलों पर स्वच्छाग्राहियों, जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने सफाई अभियान में हिस्सा लेकर स्वच्छ पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
अभियान के दौरान कर्मघोगेश्वर में स्वच्छाग्राहियों ने एकत्रित प्लास्टिक कचरे का रचनात्मक उपयोग करते हुए जागरूकता की एक आकृति तैयार की। इसके माध्यम से प्लास्टिक का उपयोग कम करने, पर्यटन स्थलों पर कचरा नहीं फैलाने और स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया गया। इस पहल ने यह संदेश भी दिया कि पर्यटन स्थलों को साफ रखने की जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि स्थानीय समुदाय, पर्यटकों और प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस श्रमदान का उद्देश्य जिले के पर्यटन स्थलों को स्वच्छ, सुंदर और आकर्षक बनाए रखने के साथ पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाना रहा। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों को पर्यटन स्थलों की नियमित स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही पर्यटकों से भी प्राकृतिक और धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने की अपील की गई।
जलप्रपातों, धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक पर्यटन क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों से कचरा निर्धारित स्थान पर डालने, प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने और अपने साथ लाए गए कचरे का उचित निपटान करने का आग्रह किया गया। अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छ पर्यटन स्थल जिले की प्राकृतिक पहचान को बनाए रखने के साथ पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने में भी सहायक होते हैं। पर्यटन स्थलों की स्वच्छता से स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार और आजीविका के अवसरों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
स्वच्छता श्रमदान में जनपद पंचायत अध्यक्ष मनेन्द्रगढ़ जानकी बाई कुसरो, मुख्य कार्यपालन अधिकारी वैशाली सिंह, जिला समन्वयक राजेश जैन सहित जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सहभागिता की। साल्ही, डोमनपारा, भलौर, लाई, भगवानपुर और हरचौका सहित विभिन्न क्षेत्रों के सरपंच, सचिव, उपसरपंच, वार्ड पंच, रोजगार सहायक, मेट और अन्य ग्रामीण भी अभियान में शामिल हुए।
स्वच्छाग्राहियों पूजा, गीता, मानकुंवरी, सीता राम बाई, ऋतु और आरती मिश्रा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं जनसहभागियों ने पर्यटन स्थलों की साफ-सफाई में श्रमदान किया। अभियान के माध्यम से ‘स्वच्छ पर्यटन स्थल-सुंदर पर्यटन स्थल’ का संदेश दिया गया और पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों को स्वच्छ, सुरक्षित और आकर्षक बनाए रखने के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, स्थानीय समुदाय और पर्यटकों से निरंतर सहयोग की अपील की गई।
