धमतरी के अर्जुनी गांव की सगनी बाई ने कराया था प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में बीमा, निधन के बाद पति कानतु राम के खाते में पहुंची दावा राशि
रायपुर, 25 सितंबर 2026
धमतरी जिले के ग्राम अर्जुनी में एक छोटी-सी वार्षिक बचत ने एक परिवार को मुश्किल समय में बड़ा आर्थिक सहारा दिया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी स्वर्गीय सगनी बाई ध्रुव ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 436 रुपये का वार्षिक प्रीमियम देकर अपना बीमा कराया था। उनके असामयिक निधन के बाद इसी बीमा के तहत उनके पति श्री कानतु राम ध्रुव के बैंक खाते में 2 लाख रुपये की दावा राशि पहुंची।
सगनी बाई ध्रुव ‘ठाकुर देव स्व-सहायता समूह’ की सक्रिय सदस्य थीं। बिहान के माध्यम से चलाए जा रहे सामाजिक सुरक्षा अभियानों से प्रेरित होकर उन्होंने समय रहते प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से जुड़ने का निर्णय लिया था। उनके निधन के बाद परिवार के सामने आर्थिक चुनौती खड़ी हुई, लेकिन बीमा योजना की सहायता ने इस कठिन परिस्थिति में परिवार को राहत दी।
बीमा दावा प्रक्रिया को पूरा कराने में बिहान से जुड़े जमीनी कार्यकर्ताओं ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बैंक सखी कामिनी विश्वकर्मा और बीमा सखी प्रतिमा साहू ने सगनी बाई के परिजनों से संपर्क कर उन्हें आवश्यक दस्तावेज तैयार करने में मदद की। इसके बाद आश्रय महिला क्लस्टर संगठन, देमार के माध्यम से बैंक के साथ समन्वय कर दावा प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।
प्रक्रिया पूरी होने के बाद सगनी बाई के पति कानतु राम ध्रुव के बैंक खाते में 2 लाख रुपये की बीमा दावा राशि हस्तांतरित की गई। परिवार के लिए यह राशि ऐसे समय में मिली जब उन्हें आर्थिक सहायता की आवश्यकता थी। इससे उन्हें परिवार की दैनिक जरूरतों और भविष्य से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिली है।
सगनी बाई की कहानी ग्रामीण परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से समय रहते जुड़ने के महत्व को सामने लाती है। केवल 436 रुपये के वार्षिक प्रीमियम के माध्यम से उन्होंने अपने परिवार के लिए ऐसी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की, जो उनके निधन के बाद संकट की घड़ी में काम आई।
बिहान के स्व-सहायता समूह अब महिलाओं को आजीविका गतिविधियों के साथ बैंकिंग, बचत, पेंशन और बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्थाओं से जोड़ने का काम भी कर रहे हैं। इन प्रयासों के जरिए ग्रामीण परिवारों में वित्तीय जागरूकता बढ़ रही है और आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए सुरक्षा का आधार तैयार हो रहा है।
सगनी बाई ध्रुव का उदाहरण यह बताता है कि समय रहते सामाजिक सुरक्षा योजना से जुड़ना किसी परिवार के लिए भविष्य में महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बन सकता है। ‘बिहान’ के माध्यम से गांवों तक पहुंच रही ऐसी योजनाएं ग्रामीण परिवारों को वित्तीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद कर रही हैं।
