रायपुर, 2 सितंबर 2026
बरसात खत्म होते ही छत्तीसगढ़ में अधूरे और निर्माणाधीन पुल-पुलियों व राष्ट्रीय राजमार्गों के काम को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अक्टूबर में प्रदेश के हर निर्माणाधीन स्थल पर काम होता हुआ दिखाई देना चाहिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की अग्रिम तैयारी अभी से पूरी करने और बारिश थमते ही काम युद्धस्तर पर शुरू करने को कहा है।

नवा रायपुर स्थित ‘निर्माण भवन’ में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने निर्माणाधीन पुल-पुलियों और राष्ट्रीय राजमार्गों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी निर्माणाधीन कार्यों का एक सप्ताह के भीतर संबंधित ठेकेदारों के साथ स्थल निरीक्षण कर जरूरी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। वर्ष 2025-26 और 2026-27 के प्राथमिकता वाले कार्यों के प्राक्कलन 20 सितंबर तक जमा करने को कहा गया है।
बारिश से क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत के साथ उनकी रेलिंग और दीवारों की पेंटिंग का काम 30 नवंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। सेतु परिक्षेत्र के कार्यपालन अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों का दौरा कर पुल-पुलियों की वास्तविक जरूरत का आकलन करने और लोगों की आवश्यकता के अनुसार नए निर्माण के प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। पुराने और जर्जर पुलों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
PWD सचिव ने कार्यपालन अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं के लिए सप्ताह में कम से कम दो दिन निर्माण स्थलों का निरीक्षण अनिवार्य किया है। उन्होंने कहा कि निर्माण की गुणवत्ता और तय समयसीमा से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। काम में लापरवाही या धीमी प्रगति पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों को बिना अनुमति कार्यालय नहीं छोड़ने और अपने कार्यक्षेत्र में मौजूद रहकर निर्माण स्थलों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने को कहा गया। नए कार्यों की निविदा प्रक्रिया नवंबर तक पूरी करने और जनवरी तक हर हाल में निर्माण शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए ठेकेदारों को समय पर ले-आउट, ड्राइंग-डिजाइन और कार्यस्थल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
निर्माण कार्यों की वित्तीय प्रगति प्रभावित न हो, इसके लिए ठेकेदारों को हर महीने भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया है। वहीं काम पूरा होने के बाद तीन महीने के भीतर सभी दस्तावेजी प्रक्रिया और भुगतान पूरा कर अनुबंध बंद करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में गतिशक्ति पोर्टल पर प्रदेश के सभी पुल-पुलियों की जानकारी 10 सितंबर तक अपलोड करने को कहा गया। तय समयसीमा में जानकारी अपलोड नहीं करने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा CPGRAMS और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण तथा न्यायालयीन मामलों, अनुकंपा नियुक्ति और पेंशन प्रकरणों की हर महीने समीक्षा करने को कहा गया।
राष्ट्रीय राजमार्गों की प्रगति की समीक्षा के दौरान सचिव ने NHAI और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त कार्यों की निविदा, अनुबंध और कार्यादेश की स्थिति की भी जानकारी ली।
रायपुर के एमएमआई चौक से शदाणी दरबार खंड, बेमेतरा बायपास, कोंडागांव-नारायणपुर राष्ट्रीय राजमार्ग खंड और रतनपुर-पेंड्रा रोड राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्यों को अगले साल मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव, सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एस.के. कोरी, राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता ज्ञानेश्वर कश्यप सहित दोनों परिक्षेत्रों के अधिकारी और NHAI के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
