दुर्ग, 2 सितंबर 2026
दुर्ग जिले में सड़क हादसों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करते हुए विभागों को तय काम प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में बताया गया कि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों और उनकी नियमित समीक्षा का असर पिछले कुछ महीनों में हादसों और उनसे होने वाली मौतों में कमी के रूप में सामने आया है।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े विभागों को दिए गए दायित्वों की हर महीने समीक्षा की जा रही है। इससे दुर्घटनाओं में कमी आई है और जिले में सड़क हादसों से होने वाली मृत्यु दर भी घटी है। उन्होंने सभी विभागों से बेहतर कार्ययोजना बनाकर आपसी समन्वय के साथ काम जारी रखने को कहा।
कलेक्टर ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से लंबित कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने को कहा। एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, पुलिस, परिवहन, राजस्व, रेलवे, विद्युत, स्वास्थ्य और शिक्षा समेत विभिन्न विभागों ने सड़क सुरक्षा के लिए किए गए कार्यों और प्रस्तावित उपायों की जानकारी दी।
चिन्हित संवेदनशील स्थानों पर हाईमास्ट लाइट, क्रैश बैरियर, रम्बल स्ट्रिप, संकेतक बोर्ड, रोड मार्किंग, रेडियम स्टीकर, सर्विस लेन, प्रकाश व्यवस्था और डिवाइडर से जुड़े सुधार कार्य किए जा रहे हैं। पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने, डिवाइडर कट बंद करने, अंडरब्रिज की सफाई और मुख्य मार्गों से शराब दुकानों को हटाने जैसे कदम भी उठाए गए हैं। अधिकारियों को कार्य पूरा होने के बाद समिति के समक्ष इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य मार्गों और बाजार क्षेत्रों में अतिक्रमण को लेकर भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई। नगर निगम, पुलिस और राजस्व विभाग को नियमित अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए। जिला यातायात प्रभारी एएसपी ऋचा मिश्रा ने मुख्य सड़कों, चौक-चौराहों और सुपेला आकाशगंगा मार्केट में यातायात व्यवस्था से जुड़े जरूरी सुधारों की ओर अधिकारियों का ध्यान दिलाया।
नेहरू नगर-अंजोरा बायपास रोड पर सर्विस रोड निर्माण में कुछ पैलेस संचालकों की ओर से सहयोग नहीं किए जाने के मामले को कलेक्टर ने गंभीरता से लिया। उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों को ऐसे मामलों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसी दौरान जिला स्तरीय नाकोर्ड समन्वय समिति की बैठक में जिले में मादक पदार्थों की बिक्री और परिवहन पर भी सख्ती बढ़ाने पर जोर दिया गया। सार्वजनिक स्थानों, सरकारी कार्यालयों और स्कूलों के आसपास विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में मादक पदार्थों की बिक्री करने वाली दुकानों के खिलाफ छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम के तहत कार्रवाई करने को कहा गया। नशीले पदार्थों के परिवहन में जब्त वाहनों पर कार्रवाई के लिए जिला परिवहन अधिकारी को भी निर्देश दिए गए।
बैठक में नगर निगमों के आयुक्तों, एडीएम, एसडीएम, लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई, रेलवे, बीएसपी, विद्युत मंडल और पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
