रायपुर, 02 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ राज्य शाकम्भरी बोर्ड ने मरार समाज सहित लघु और सीमांत किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कृषि एवं संबद्ध विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया है। बोर्ड के अध्यक्ष श्री राजेंद्र नायक ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े पात्र किसानों तक पहुंचाना प्राथमिकता है। इसके लिए कृषि, उद्यानिकी, मंडी, ऊर्जा और जल संसाधन विभाग मिलकर एक साझा कार्ययोजना तैयार करेंगे।
नवा रायपुर स्थित उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी संचालनालय में आयोजित बोर्ड के संचालक मंडल की पहली बैठक में अध्यक्ष श्री नायक ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी के क्षेत्र में मरार समाज का योगदान लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है और किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर लाभ दिलाने के लिए सरकार और संबंधित विभागों को मिलकर काम करना होगा।
बैठक में लघु एवं सीमांत किसानों को पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों की ओर बढ़ाने पर चर्चा हुई। विशेष रूप से पुष्प उत्पादन को बढ़ावा देने, आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और किसानों को उपलब्ध योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
श्री नायक ने कहा कि शाकम्भरी बोर्ड का गठन मरार-पटेल समाज के उत्थान के उद्देश्य से हुआ है, लेकिन बोर्ड की प्राथमिकता व्यापक रूप से किसानों की समृद्धि से जुड़ी है। कृषि, उद्यानिकी, जल संसाधन, ऊर्जा, वाणिज्य एवं उद्योग और कृषि विपणन बोर्ड के समन्वित प्रयासों से किसानों के लिए बेहतर अवसर तैयार किए जाएंगे।
बैठक में पात्र किसानों को विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के माध्यम से प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर भी सहमति बनी। किसानों को उद्यानिकी फसलों, विशेषकर फूलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के साथ बाजार और अन्य जरूरी सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में भी काम करने पर जोर दिया गया।
बैठक में बोर्ड के सदस्य श्री बसंत पटेल, श्री प्रेमलाल पटेल, श्री संतोष पटेल और श्री प्रेम पटेल सहित उद्यानिकी विभाग के संचालक श्री लोकेश कुमार, बोर्ड के सचिव श्री सुरेश ठाकुर तथा कृषि, जल संसाधन और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। विभागीय अधिकारियों ने कृषि एवं उद्यानिकी योजनाओं की जानकारी भी प्रस्तुत की।
