महतारी वंदन से आरंभ हुआ सफर- ड्रोन दीदी, ई-रिक्शा दीदी और लखपति दीदी बन गढ़ रहीं आत्मनिर्भरता की राह
लेख- तेजबहादुर सिंह भुवाल
सहायक जनसंपर्क अधिकारी
रायपुर, 26 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण अब केवल नारा नहीं, बल्कि महिलाओं के जीवन में दिखाई देने वाला बदलाव बन रहा है। विष्णु देव साय सरकार महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा के साथ रोजगार, तकनीक, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। रक्षाबंधन के अवसर पर महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त जारी होना इसी महिला-केंद्रित सोच का उदाहरण है।
महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आर्थिक संबल का मजबूत आधार बनी है। नियमित आर्थिक सहायता से महिलाएं अपनी जरूरतें पूरी करने के साथ परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी योगदान दे रही हैं। इससे उनके आत्मविश्वास और आर्थिक निर्णयों में भागीदारी को मजबूती मिल रही है।
महिला सशक्तिकरण की अगली कड़ी लखपति दीदी के रूप में सामने आ रही है। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और छोटे व्यवसाय जैसी गतिविधियों के माध्यम से अपनी आय बढ़ा रही हैं। आर्थिक रूप से मजबूत होती महिला परिवार के साथ-साथ गांव की अर्थव्यवस्था को भी गति देती है।
ड्रोन दीदी जैसी पहल ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ रही है। प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं ड्रोन संचालन जैसी नई गतिविधियों से जुड़कर कृषि क्षेत्र में सेवाएं देने और आय अर्जित करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इसी तरह ई-रिक्शा दीदी पहल महिलाओं के लिए परिवहन क्षेत्र में रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर खोल रही है।
महिला सशक्तिकरण की इस यात्रा में स्व-सहायता समूहों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। बचत, ऋण, प्रशिक्षण, उत्पादन और बाजार से जुड़कर महिलाएं अब केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि परिवार और स्थानीय अर्थव्यवस्था की सक्रिय भागीदार बन रही हैं।
महतारी सदन: गांवों में महिलाओं के लिए सशक्त मंच
महिलाओं को गांव स्तर पर संगठन, प्रशिक्षण और आजीविका गतिविधियों के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराने की दिशा में महतारी सदन महत्वपूर्ण पहल है। यहां महिलाएं स्व-सहायता समूहों की बैठक, प्रशिक्षण, उत्पादन, विपणन और अन्य आर्थिक गतिविधियां संचालित कर सकती हैं। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 481 महतारी सदनों की स्वीकृति दी गई है।
महतारी वंदन आर्थिक संबल देता है, लखपति दीदी आय बढ़ाने का अवसर देती है, ड्रोन दीदी महिलाओं को तकनीक से जोड़ती है और ई-रिक्शा दीदी रोजगार की नई राह खोलती है। इन पहलों से महिला सशक्तिकरण का व्यापक स्वरूप सामने आता है, जहां सहायता से स्वावलंबन और स्वावलंबन से आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ रहे हैं।
महिला मजबूत होगी, परिवार मजबूत होगा और परिवार मजबूत होगा तो छत्तीसगढ़ भी मजबूत होगा। यही विष्णु देव साय सरकार के महिला सशक्तिकरण की नई तस्वीर है—सुरक्षा से सम्मान, सहायता से स्वावलंबन और स्वावलंबन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़।
