रायपुर, 26 अगस्त 2026
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड का ग्राम पंडरीपानी भाई-बहन के स्नेह, आत्मीयता और सामाजिक समरसता के रंग में रंगा नजर आया। यहां आयोजित ‘रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय शामिल हुए। क्षेत्र की बड़ी संख्या में माताओं-बहनों ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने भी बहनों को उपहार भेंट कर उनके प्रति अपना स्नेह और सम्मान व्यक्त किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान से प्रदेश की माताओं-बहनों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत आधारशिला है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व नहीं, बल्कि बहनों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी को दोहराने का अवसर भी है। राज्य सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ की हर माता-बहन आत्मनिर्भर बने, उन्हें आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें और परिवार तथा समाज के निर्णयों में उनकी भूमिका और मजबूत हो। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त होती हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है और मजबूत परिवार ही समृद्ध समाज एवं विकसित प्रदेश की नींव बनता है।

मुख्यमंत्री ने पंडरीपानी में लगभग 64 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें महतारी सदन का लोकार्पण भी शामिल है। उन्होंने कहा कि महतारी सदन गांव की महिलाओं के लिए केवल बैठक और प्रशिक्षण का स्थान नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयासों, आजीविका गतिविधियों और आत्मनिर्भरता का नया केंद्र बनेगा। यहां महिला स्व-सहायता समूहों और महिला संगठनों को बैठक, प्रशिक्षण एवं विभिन्न आर्थिक गतिविधियां संचालित करने के लिए सुविधाजनक और सम्मानजनक स्थान उपलब्ध होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम पंचायत फरसाबहार और भेलवा में भी महतारी सदन के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्य मार्ग से दानी मोड़ा बस्ती तक सड़क निर्माण के लिए 3 करोड़ 23 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क, अधोसंरचना और मूलभूत सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है। विकास कार्यों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों का जीवन आसान बनाने और गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। योजना के तहत प्रदेश की महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। यह राशि माताओं-बहनों को अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक संबल देने के साथ उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत कर रही है। रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की 67 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में 631 करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरित की गई है। सितंबर माह की राशि भी अग्रिम रूप से जारी की गई, ताकि बहनें रक्षाबंधन का पर्व उत्साह और उल्लास के साथ मना सकें।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल महिलाओं को आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें स्थायी रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से प्रदेश की लाखों महिलाएं आज कृषि, पशुपालन, लघु उद्योग, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य आजीविका गतिविधियों से जुड़कर अपनी आय बढ़ा रही हैं। महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिल रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों के विस्तार के लिए आर्थिक सहायता के चेक प्रदान किए। मोंगरा स्व-सहायता समूह, भगोरा; वैष्णवी स्व-सहायता समूह, कंदईबहार और चांद स्व-सहायता समूह, कंदईबहार को 1.50-1.50 लाख रुपए तथा प्रतिज्ञा समूह, बड़ा बस्ती को 1 लाख रुपए की सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने समूह की महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यह आर्थिक सहायता उन्हें अपने स्वरोजगार को विस्तार देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर तैयार करने में मदद करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ शासन की सेवाओं और योजनाओं को आम नागरिकों तक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है। इसी दिशा में सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। वहीं, नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 भी प्रारंभ की गई है। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से शासन को अधिक संवेदनशील और जन-केंद्रित बनाया जा रहा है, ताकि लोगों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

कार्यक्रम में सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत बालिका मीनाक्षी यादव और श्रेया पैंकरा को खाता पासबुक प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों का सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। बेटियों को बेहतर शिक्षा, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। सुकन्या समृद्धि जैसी योजनाएं बेटियों के भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार तैयार करती हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वामित्व योजना के अंतर्गत पांच हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख भी प्रदान किए। ग्राम बोखी की हरावती, ग्राम वानगांव की जगमनी, ग्राम कोनपारा की राजमनी, ग्राम भगोरा की लक्ष्मी तथा ग्राम तेलाइन की सुमित्रा को दस्तावेज प्रदान किए गए। इससे हितग्राहियों को अपनी संपत्ति पर अधिकार के साथ कानूनी और दस्तावेजी सुरक्षा भी प्राप्त हुई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, वहीं महतारी सदन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को बैठकों, प्रशिक्षण और आजीविका गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधा मिल रही है। उन्होंने पंडरीपानी में एसबीआई की शाखा शुरू होने को भी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सौगात बताया। श्रीमती गोमती साय ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय पूरे छत्तीसगढ़ की बहनों के ‘विष्णु भैया’ हैं और उनके सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन एवं कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की माताएं-बहनें प्रदेश की विकास यात्रा की महत्वपूर्ण शक्ति हैं। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य उन्हें सहायता का लाभार्थी बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें अवसर, संसाधन और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की प्रगति से परिवार मजबूत होता है, परिवार की मजबूती से समाज सशक्त होता है और सशक्त समाज ही विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करता है।
कार्यक्रम में विधायक श्रीमती गोमती साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में क्षेत्र की माताएं-बहनें उपस्थित रहीं।
