रायपुर, 21 अगस्त 2026
चार दिवसीय 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का पेंड्रा में पुरस्कार वितरण समारोह के साथ समापन हुआ। प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के पांचों संभागों से 540 खिलाड़ियों और 100 से अधिक अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों ने हिस्सा लिया। जिम्नास्टिक, ताइक्वांडो, कबड्डी और क्रिकेट की विभिन्न विधाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए बिलासपुर संभाग ने ओवरऑल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया।
समापन समारोह में कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत ने विजेता खिलाड़ियों और टीमों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि खेल में हार नहीं होती, खिलाड़ी या तो जीतते हैं या सीखते हैं। खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और भाईचारे की भावना विकसित करता है।
उन्होंने खिलाड़ियों से लक्ष्य के प्रति निरंतर मेहनत करने और जीवन में कभी हार न मानने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेल का मैदान संघर्ष और निरंतर प्रयास की सीख देता है। युवा खेलों को अपने जीवन का हिस्सा बनाकर परिवार, प्रदेश और देश का नाम रोशन करें।

समारोह में क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए सांसद श्रीमती महंत ने 30 लाख रुपये की घोषणा की। इसमें फिजिकल कॉलेज मैदान के जीर्णोद्धार के लिए 20 लाख रुपये और पतगांवा में सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख रुपये शामिल हैं। इन कार्यों से खेल अधोसंरचना और स्थानीय आवागमन सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
समापन समारोह की शुरुआत मां सरस्वती और छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुई। छात्राओं ने पारंपरिक परिधान में लोकगीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समारोह में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की झलक प्रस्तुत की।

जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के आयोजन को जिले के लिए गौरव का अवसर बताया। कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने सभी खिलाड़ियों और अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने के साथ अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करने का अवसर देती हैं।
प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने विभिन्न खेल विधाओं में पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विजेता खिलाड़ियों और टीमों को सम्मानित किए जाने के साथ प्रतियोगिता का समापन हुआ। आयोजन से क्षेत्र में खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ विद्यार्थियों में खेलों के प्रति नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ।
