राष्ट्रीय मंच पर बालोद की पार्वती मंडावी और पिलेश्वरी नेताम ने साझा किए ग्रामीण विकास के अनुभव
रायपुर, 20 अगस्त 2026।
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में महिला नेतृत्व और पंचायतों के माध्यम से किए जा रहे नवाचारों की पहचान अब राष्ट्रीय स्तर पर भी बन रही है। महाराष्ट्र के आदर्श ग्राम हिवरे बाजार में 18 से 23 अगस्त तक आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम ‘आनंदी कुटुम्ब समृद्ध ग्राम’ में बालोद जिले की दो महिला सरपंचों ने छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास की तस्वीर राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत की।
ग्राम पंचायत गुजरा की सरपंच श्रीमती पार्वती मंडावी और ग्राम पंचायत दुधली की सरपंच श्रीमती पिलेश्वरी नेताम ने महिला सशक्तिकरण, पंचायत नेतृत्व, स्व-सहायता समूहों और कौशल विकास से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की विकास पहल
कार्यक्रम में महिलाओं की सामाजिक एवं आर्थिक भूमिका, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण परिवारों की समृद्धि जैसे विषयों पर चर्चा हुई। दोनों सरपंचों ने अपने गांवों में किए जा रहे विकास कार्यों और नवाचारों की जानकारी साझा की तथा देशभर से आए प्रतिभागियों के सवालों का आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया।
स्व-सहायता समूहों से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
श्रीमती पार्वती मंडावी ने बताया कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उनके क्षेत्र में महिला समूहों द्वारा आम के पौधों का बड़े स्तर पर रोपण किया जा रहा है। इससे महिलाओं की आजीविका मजबूत होने के साथ पर्यावरण संरक्षण और भविष्य में आय के स्थायी अवसर भी तैयार हो रहे हैं।

उन्होंने हिवरे बाजार के विकास मॉडल की सराहना करते हुए अपने गांव की महिला समूहों को यहां अध्ययन भ्रमण कराने की इच्छा भी व्यक्त की।
कौशल विकास से युवाओं को गांव में ही रोजगार
ग्राम पंचायत दुधली की सरपंच श्रीमती पिलेश्वरी नेताम ने ग्रामीण युवाओं के लिए संचालित कौशल विकास प्रशिक्षण के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कौशल प्रशिक्षण से युवाओं और युवतियों को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
उनके अनुसार, युवाओं को उनकी रुचि और आवश्यकता के अनुरूप कौशल उपलब्ध कराने से वे अपने गांव में ही आर्थिक गतिविधियों से जुड़ रहे हैं। इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ महिलाओं और युवाओं में आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।
महिला नेतृत्व ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान
हिवरे बाजार के राष्ट्रीय मंच पर बालोद की महिला सरपंचों की सहभागिता ग्रामीण विकास में छत्तीसगढ़ की पंचायतों और महिला नेतृत्व की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। महिला सशक्तिकरण, सामुदायिक भागीदारी और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की इन पहलों ने राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की ग्रामीण विकास की अलग पहचान बनाई है।
