बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ के लिए जागरूकता कार्यक्रम; हेल्पलाइन और पॉक्सो कानून की भी दी जानकारी
रायपुर, 20 अगस्त 2026।
छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सूरजपुर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करसी में छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन जिला कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन में किया गया।
शिक्षा को बताया सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव
जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री मनोज जायसवाल ने छात्राओं को बाल विवाह की रोकथाम, बाल अधिकार, शिक्षा और बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा बालिकाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षित भविष्य की सबसे मजबूत आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित पढ़ाई करने, अपने लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने और अपने आसपास होने वाले बाल विवाह को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

1098, 181 और 112 की दी जानकारी
कार्यक्रम में छात्राओं को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 और आपातकालीन सेवा 112 के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि किसी भी विपरीत या आपात स्थिति में इन सेवाओं की सहायता ली जा सकती है।
छात्राओं को सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श के प्रति जागरूक करते हुए बचाव के चार सूत्र ‘नो, गो, टेल एवं एफआईआर’ की जानकारी दी गई। इसके साथ ही पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े जरूरी उपाय भी बताए गए।
बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए किया प्रेरित
मिशन शक्ति की श्रीमती फरजाना अंसारी ने छात्राओं को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए भ्रूण हत्या की रोकथाम और घरेलू हिंसा की स्थिति में महिला हेल्पलाइन 181 का उपयोग करने की अपील की।
पोस्टर और रंगोली प्रतियोगिता में दिखा उत्साह
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पोस्टर, राखी और रंगोली निर्माण प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए बाल विवाह और बालिका सुरक्षा जैसे विषयों पर अपनी रचनात्मकता दिखाई।
प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया, जबकि अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने बाल विवाह मुक्त सूरजपुर बनाने की शपथ ली। यह पहल बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और शिक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ समाज में बाल विवाह के खिलाफ सामूहिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रही।
