अम्बिकापुर, 18 अगस्त 2026। सरगुजा जिले में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंगलवार से शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ किया गया। यह अभियान 18 अगस्त से 24 सितम्बर 2026 तक जिलेभर में संचालित होगा। अभियान का शुभारंभ मातृत्व एवं शिशु अस्पताल में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी.एस. मार्को ने किया।
💊 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को दी जाएगी विटामिन ‘A’ की खुराक
शिशु संरक्षण माह के दौरान 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को निर्धारित अंतराल पर विटामिन ‘A’ की खुराक दी जाएगी। इसके साथ ही बच्चों को मंगलवार और शुक्रवार को सप्ताह में दो दिन आयरन सीरप पिलाया जाएगा। आयरन सीरप देने की प्रक्रिया लगातार छह महीने तक जारी रहेगी।
अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं और एनीमिया से पीड़ित महिलाओं को भी आवश्यकता के अनुसार आयरन की गोलियां उपलब्ध कराई जाएंगी।
🩺 एनीमिया और पोषण की कमी की रोकथाम पर विशेष जोर
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी.एस. मार्को ने जिलेवासियों से अपील की कि वे अपने 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को निर्धारित समय पर विटामिन ‘A’ और आयरन सीरप जरूर दिलाएं। नियमित रूप से इन पोषक तत्वों की खुराक देने से बच्चों में पोषण की कमी और एनीमिया की रोकथाम में मदद मिलेगी।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अभियान के दौरान अधिक से अधिक पात्र बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
👶 बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए महत्वपूर्ण पहल
डॉ. मार्को ने कहा कि शिशु संरक्षण माह बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए महत्वपूर्ण अभियान है। इसके माध्यम से बच्चों में विटामिन ‘A’ और आयरन की कमी को दूर करने के साथ उनके स्वस्थ शारीरिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित तिथियों पर अपने बच्चों को आवश्यक पोषण संबंधी खुराक अवश्य दिलाएं।
🏥 स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी रहे मौजूद
शुभारंभ कार्यक्रम में जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा, जिला टीकाकरण अधिकारी, सीपीएम डॉ. सीमा तिग्गा, संभागीय यूएनडीपी अधिकारी श्री अंकित वर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
शिशु संरक्षण माह के माध्यम से जिले में बच्चों और महिलाओं के बीच पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने तथा एनीमिया की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
