ग्रामोद्योग स्थापित करने पर 35 प्रतिशत तक अनुदान, रायगढ़ जिले में 32 इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य
रायपुर, 11 अगस्त 2026। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के इच्छुक हितग्राहियों से ग्रामोद्योग स्थापित करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
रायगढ़ में 32 इकाइयों का लक्ष्य
योजना के तहत रायगढ़ जिले में 32 ग्रामोद्योग इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के युवा, स्व-सहायता समूह और अन्य पात्र हितग्राही अपने स्वयं के व्यवसाय की शुरुआत कर सकते हैं।
योजना में खनिज, वन, कृषि, रसायन, इंजीनियरिंग और सेवा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न प्रकार के ग्रामोद्योग स्थापित किए जा सकते हैं। इनमें दोना-पत्तल निर्माण, आटा चक्की, मसाला उद्योग सहित कुल 117 प्रकार के उद्योग शामिल हैं।
उद्योग स्थापना पर 35 प्रतिशत तक अनुदान
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पात्र हितग्राहियों को उद्योग स्थापना के लिए अधिकतम 35 प्रतिशत तक अनुदान दिए जाने का प्रावधान है।
इस आर्थिक सहायता से ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं और स्व-सहायता समूहों को अपना व्यवसाय शुरू करने में मदद मिलेगी। साथ ही स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए गांवों में ही रोजगार और आय के नए अवसर तैयार होंगे।
ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार का अवसर
योजना का उद्देश्य केवल नए उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी है। स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योग शुरू होने से लोगों को रोजगार के लिए दूसरे शहरों की ओर पलायन करने की आवश्यकता कम हो सकती है।
दोना-पत्तल, मसाला निर्माण, आटा चक्की जैसे छोटे उद्योग कम स्तर से शुरुआत करने वाले हितग्राहियों के लिए भी स्वरोजगार का माध्यम बन सकते हैं।
यहां कर सकते हैं संपर्क
योजना का लाभ लेने के इच्छुक हितग्राही जिला पंचायत कार्यालय रायगढ़, प्रथम तल, कक्ष क्रमांक-39 स्थित ग्रामोद्योग कक्ष में संपर्क कर सकते हैं।
आवेदन प्रक्रिया और योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए 7898985249 और 7898985239 मोबाइल नंबर पर भी संपर्क किया जा सकता है।
विभाग ने ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं, स्व-सहायता समूहों और अन्य पात्र हितग्राहियों से मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम का लाभ उठाकर ग्रामोद्योग स्थापित करने और स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाने की अपील की है।
