रायपुर | 28 जून 2026
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य और अध्यक्ष नीलू शर्मा ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले के प्रवास के दौरान जिले की पर्यटन संभावनाओं का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल राजमेरगढ़ का दौरा कर वहां विकसित की गई पर्यटन सुविधाओं, स्थानीय जनसहभागिता और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण की सराहना की। अधिकारियों का जिले में आत्मीय स्वागत किया गया और उन्हें जीपीएम पर्यटन कॉफी टेबल बुक भेंट कर जिले की पर्यटन उपलब्धियों एवं भविष्य की संभावनाओं की जानकारी दी गई।
पर्यटन विकास के मॉडल की दी जानकारी
दौरे के दौरान जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने जिले में पर्यटन संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। अधिकारियों ने बताया कि जिले के प्राकृतिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन स्थलों को स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका से जोड़ते हुए विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इस मॉडल का उद्देश्य केवल पर्यटकों को आकर्षित करना नहीं, बल्कि स्थानीय समुदाय को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी है। पर्यटन स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं के विकास, स्वच्छता, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
राजमेरगढ़ में सुविधाओं और नवाचारों का लिया जायजा
प्रबंध संचालक विवेक आचार्य और अध्यक्ष नीलू शर्मा ने जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल राजमेरगढ़ का भ्रमण कर पर्यटन समितियों द्वारा संचालित गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने पर्यटकों के लिए विकसित आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था, प्राकृतिक सौंदर्य के संरक्षण और स्थानीय स्तर पर किए जा रहे नवाचारों की जानकारी ली।
स्थानीय पर्यटन समितियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि जनसहभागिता के माध्यम से पर्यटन को रोजगार, स्वरोजगार और स्थानीय आर्थिक विकास का प्रभावी माध्यम बनाया जा रहा है। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन स्थलों के सुव्यवस्थित प्रबंधन पर भी लगातार कार्य किया जा रहा है।
‘स्थानीय जनसहभागिता ही पर्यटन विकास की सबसे बड़ी ताकत’
पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने कहा कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध है। यहां पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से प्रभावी ढंग से विकसित किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि जनसहभागिता आधारित पर्यटन मॉडल न केवल पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्रदान करता है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित करता है। उन्होंने पर्यटन समितियों के कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी गुणवत्तापूर्ण, स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यटक-अनुकूल व्यवस्थाओं को निरंतर मजबूत करने का आह्वान किया।
जीपीएम को प्रमुख पर्यटन गंतव्य बनाने पर जोर
अधिकारियों ने कहा कि पर्यटन समितियां जिस समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रही हैं, वह अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणादायक है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनसहभागिता, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और बेहतर पर्यटन सुविधाओं के माध्यम से गौरेला-पेंड्रा-मरवाही आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।
कार्यक्रम में पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारी, पर्यटन समितियों के प्रतिनिधि तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
