रायपुर, 13 अगस्त 2026।
कभी घने जंगल, दुर्गम पहाड़ियों और नक्सल चुनौती के कारण मुख्यधारा से दूर रहा अबुझमाड़ अब विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। पीएम जनमन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नारायणपुर जिले के झारावाही से हत्लानार तक पक्की सड़क का निर्माण पूरा होने से ग्रामीणों को सालभर आवागमन की सुविधा मिलने लगी है।
₹2.99 करोड़ की लागत से बनी 3.2 किलोमीटर सड़क
झारावाही से हत्लानार तक 3.20 किलोमीटर लंबी सर्वकालिक पक्की सड़क का निर्माण करीब 2 करोड़ 99 लाख 60 हजार रुपये की लागत से पूरा किया गया है। यह सड़क अब दुर्गम और अंदरूनी गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ रही है।
पहले ग्रामीणों को संकरी पगडंडियों के सहारे आवागमन करना पड़ता था। बारिश के मौसम में रास्ते बंद हो जाने से गांवों का संपर्क लगभग टूट जाता था। अब पक्की सड़क बनने से यह परेशानी काफी कम हुई है।
एम्बुलेंस से स्कूल तक आसान हुई पहुंच
सड़क बनने के बाद अब एम्बुलेंस और शासकीय वाहन सीधे गांवों तक पहुंच पा रहे हैं। आपात स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल ले जाना आसान हुआ है।
वहीं शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए भी स्कूल तक पहुंचना सुगम हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक, पहले बारिश में बच्चों को स्कूल भेजना और मरीजों को अस्पताल ले जाना बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब गांव तक वाहन पहुंच रहे हैं।
किसानों को मंडी तक पहुंचने में मिली सुविधा
पक्की सड़क का असर सिर्फ आवागमन तक सीमित नहीं है। किसानों को अपनी उपज मुख्य बाजारों और मंडियों तक पहुंचाने में भी सुविधा मिल रही है। बाजार से बेहतर संपर्क मिलने से ग्रामीणों को अपनी कृषि उपज का उचित मूल्य मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
साथ ही प्रधानमंत्री आवास, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कामों के लिए निर्माण सामग्री पहुंचाना भी आसान हुआ है।
सड़क नहीं, विकास से जुड़ने का रास्ता
झारावाही-हत्लानार सड़क अबुझमाड़ में बदलती तस्वीर का उदाहरण बन रही है। यह सड़क गांवों को सिर्फ मुख्य मार्ग से नहीं जोड़ रही, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बाजार और सरकारी योजनाओं तक ग्रामीणों की पहुंच भी आसान कर रही है।
पगडंडी से पक्की सड़क तक का यह सफर अबुझमाड़ के उन इलाकों में विकास की नई उम्मीद दिखा रहा है, जहां कभी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना भी बड़ी चुनौती माना जाता था।
