रायपुर, 13 अगस्त 2026।
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति यानी बैगा समुदाय तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए ‘आदि अमितान’ अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार दूरस्थ इलाकों में पहुंच रही है। इसी कड़ी में छुईहा (बैगाटोला) की बैगा बस्ती में 39 बैगा परिवारों को मच्छरदानियों का वितरण किया गया।
मलेरिया से बचाव के लिए बांटी गईं मच्छरदानियां
ग्राम पंचायत सरईपतेरा के छूईहा बैगाटोला में 9 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को मलेरिया से बचाव के उपाय बताए। ग्रामीणों को रात में नियमित रूप से मच्छरदानी के इस्तेमाल, आसपास पानी जमा नहीं होने देने और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करने की जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों को यह भी बताया कि बुखार, ठंड लगना, कंपकंपी, सिरदर्द या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय तत्काल मलेरिया की जांच करानी चाहिए।
दूरस्थ बस्तियों में घर-घर हो रही स्वास्थ्य जांच
‘आदि अमितान’ अभियान के तहत 15 जुलाई से 14 अगस्त 2026 तक विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर विभिन्न बीमारियों की जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध करा रही हैं।
अभियान के दौरान मलेरिया, टीबी, कुष्ठ, सिकल सेल, एनीमिया, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, नेत्र रोग समेत महिलाओं में स्तन और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की स्क्रीनिंग भी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर करने की व्यवस्था भी की जा रही है।
स्वास्थ्य जागरूकता पर भी जोर
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अभियान का उद्देश्य केवल बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि बैगा समुदाय को रोगों की रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना भी है।
जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान से जिले की दूरस्थ बैगा बस्तियों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत हो रही है। विभाग ने ग्रामीणों से मच्छरदानी का नियमित उपयोग करने और मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपील की है।
