रायपुर | 28 जून 2026
प्रदेशव्यापी राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने रविवार को अंबिकापुर जिले के लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की जीवनरक्षक दो बूंद पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि “दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत बरकरार” केवल एक नारा नहीं, बल्कि बच्चों के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य का राष्ट्रीय संकल्प है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की सुरक्षा का कवच पहुंचाना सरकार और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है। कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित नहीं रहना चाहिए।
‘हर बच्चे को समय पर मिले पोलियो की खुराक’
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर और आजीवन दिव्यांगता का कारण बनने वाली बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम समय पर दी जाने वाली पोलियो की दो बूंद है। उन्होंने कहा कि भारत ने वर्षों की मेहनत, जनभागीदारी और स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण से पोलियो पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है और अब इस उपलब्धि को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने माता-पिता और अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने परिवार के साथ-साथ आसपास के सभी 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को भी पोलियो की खुराक अवश्य दिलवाएं।
घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य विभाग की टीम
मंत्री ने कहा कि यदि किसी कारणवश कोई बच्चा पोलियो बूथ तक नहीं पहुंच पाता है तो अभिभावक स्वास्थ्य विभाग की घर-घर पहुंचने वाली टीम को इसकी जानकारी अवश्य दें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य राज्य के किसी भी बच्चे को पोलियो की जीवनरक्षक खुराक से वंचित नहीं रहने देना है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ बचपन ही सशक्त भारत की सबसे मजबूत नींव है और प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देने में अपनी भागीदारी निभाए।
स्वास्थ्यकर्मियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सराहना
पर्यटन मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, आशा कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संगठनों और अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पण के कारण यह अभियान समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता और जागरूकता के बल पर छत्तीसगढ़ भविष्य में भी अपनी पोलियोमुक्त पहचान को मजबूत बनाए रखेगा।
छत्तीसगढ़ में करीब 36 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की दवा
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार प्रदेश में 28 से 30 जून 2026 तक राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत 35 लाख 98 हजार 904 (करीब 36 लाख) बच्चों को पोलियो की जीवनरक्षक खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इसके लिए पूरे प्रदेश में 14,396 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। अभियान को सफल बनाने के लिए 28,791 टीमें और 57 हजार से अधिक स्वास्थ्यकर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन एवं स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं।
29 और 30 जून को होगा घर-घर सर्वे
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि 28 जून को बूथ दिवस आयोजित किया गया है, जबकि 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके।
अभियान के दौरान दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों, शहरी मलिन बस्तियों, ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों, प्रवासी श्रमिक परिवारों और घुमंतू समुदायों के बच्चों तक विशेष रूप से पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।
देशभर में 17 करोड़ बच्चों तक पहुंचने का लक्ष्य
राष्ट्रव्यापी पल्स पोलियो अभियान के तहत इस वर्ष देशभर में लगभग 17 करोड़ बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि बच्चे को हाल ही में कोई अन्य टीका लगाया गया हो, तब भी पोलियो की खुराक पूरी तरह सुरक्षित है और अवश्य दी जानी चाहिए। हल्की सर्दी, खांसी या सामान्य बुखार होने पर भी बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाई जा सकती हैं।
पोलियोमुक्त भारत के लिए जनभागीदारी जरूरी
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि पोलियोमुक्त भारत और पोलियोमुक्त छत्तीसगढ़ की पहचान बनाए रखने के लिए प्रत्येक परिवार की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे यह संकल्प लें कि उनके आसपास का कोई भी बच्चा पोलियो की जीवनरक्षक दो बूंद से वंचित नहीं रहेगा। यही स्वस्थ बचपन, सुरक्षित भविष्य और सशक्त राष्ट्र की सबसे मजबूत नींव है।
