रायपुर, 26 जून 2026। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कांकेर जिला पंचायत सभाकक्ष में सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक लेकर नक्सलमुक्त बस्तर के चहुंमुखी विकास, सामाजिक एकता, पेसा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पारंपरिक देवस्थलों के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की। बैठक में समाज प्रमुखों ने भी अपने सुझाव दिए, जिन पर सकारात्मक विचार-विमर्श किया गया।
नक्सलमुक्त बस्तर के विकास में समाज की भूमिका अहम
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि किसी भी समाज की परंपराओं, सांस्कृतिक धरोहर और पहचान को सुरक्षित रखने में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सल उन्मूलन की सफलता भी समाज, सुरक्षा बलों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।
यह भी पढ़ें: ₹235 करोड़ की पहली यूनिट से 4,600+ रोजगार, 81 एकड़ ……….. आगे पढ़ें
उन्होंने बताया कि हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतंत्र की मुख्यधारा में लौटने वाले युवाओं को प्रेरित करने में समाज प्रमुखों ने सराहनीय योगदान दिया है। इसके चलते आज बस्तर में वर्षों बाद मेले, हाट-बाजार और सामाजिक गतिविधियां फिर से सामान्य हो रही हैं तथा ग्रामीण खुद को भयमुक्त महसूस कर रहे हैं।
सुरक्षा कैंप बनेंगे सुविधा केंद्र
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ बाहरी तत्व बस्तर के विकास को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि बस्तर का विकास स्थानीय लोगों और स्थानीय संसाधनों के माध्यम से ही किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से सुरक्षा कैंपों को सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID) के सहयोग से स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कला को बढ़ावा देते हुए विकास कार्य किए जाएंगे।
197 गांवों के देवस्थलों का होगा स्थायी पंजीयन
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने बताया कि आदिवासी संस्कृति और आस्था के संरक्षण के लिए 197 गांवों के देवस्थलों का राजस्व रिकॉर्ड में चिन्हांकन कर उनका स्थायी पंजीयन किया जा रहा है। इससे पारंपरिक देवस्थलों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पेसा एक्ट को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पहली बार गांव-गांव में स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर पेसा मोबिलाइजर और कोऑर्डिनेटर नियुक्त करने की पहल की है।
जेल से भी पुनर्वास की व्यवस्था
समाज प्रमुखों द्वारा जेलों में बंद भटके हुए युवाओं के पुनर्वास का मुद्दा उठाए जाने पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने जेल से ही पुनर्वास की व्यवस्था शुरू की है।
उन्होंने बताया कि पुनर्वास प्राप्त कर चुके युवा अब स्वयं जेलों में जाकर अन्य युवाओं को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने समाज से भी इस अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की।
समाज और प्रशासन के समन्वय से होगा सर्वांगीण विकास
बैठक में सांसद श्री भोजराज नाग ने कहा कि समाज में वैचारिक चिंतन और पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण की आवश्यकता है। उन्होंने विकास कार्यों में समाज और प्रशासन के बेहतर समन्वय पर बल दिया।
बैठक में उपस्थित विभिन्न आदिवासी समाजों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए। उपमुख्यमंत्री ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए समाज की सहभागिता से बस्तर के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य करने का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम में राज्य हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, अंतागढ़ विधायक श्री विक्रम उसेंडी, कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आकाश श्रीश्रीमाल, जिला पंचायत सीईओ श्री हरेश मंडावी, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, श्री शिशुपाल शोरी तथा विभिन्न आदिवासी समाजों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
