सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने की समीक्षा, देरी पर तय होगी जिम्मेदारी; निर्माण की गुणवत्ता और वास्तविक प्रगति के अनुरूप भुगतान पर जोर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार से स्वीकृत केंद्रीय पर्यटन परियोजनाओं को अब समय-सीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने मंत्रालय महानदी भवन में केंद्रीय पर्यटन परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक ली।
बैठक में स्वदेश दर्शन योजना 2.0, चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट यानी CBDD, स्पेशल असिस्टेंस स्कीम फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट यानी SASCI और प्रसाद योजना के तहत चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
सचिव ने परियोजनावार कार्य की स्थिति, पूर्णता की समय-सीमा, लंबित तकनीकी प्रक्रियाओं और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पर्यटन परियोजनाओं के निर्माण में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
समय-सीमा से पीछे चल रही परियोजनाओं पर बनेगी सुधारात्मक कार्ययोजना
बैठक में उन परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया, जिनका निर्माण निर्धारित समय-सीमा के अनुसार आगे नहीं बढ़ रहा है।
डॉ. भारतीदासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विलंबित परियोजना में देरी के वास्तविक कारणों की समीक्षा की जाए। इसके बाद सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार कर प्रत्येक कार्य के लिए स्पष्ट समय-सारणी निर्धारित की जाए।
उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी जरूरी है। यदि किसी निर्माण एजेंसी की ओर से अनावश्यक देरी सामने आती है, तो संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय की जाएगी और अनुबंधीय प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
यानी अब सिर्फ काम की प्रगति देखना ही नहीं, बल्कि किस काम में देरी हुई और उसकी जिम्मेदारी किसकी है, इसकी भी स्पष्ट निगरानी होगी।
तकनीकी स्वीकृति में देरी नहीं चलेगी
पर्यटन परियोजनाओं के निर्माण से जुड़ी तकनीकी स्वीकृति, स्ट्रक्चर वेटिंग और अन्य लंबित प्रक्रियाओं की भी बैठक में समीक्षा की गई।
सचिव ने संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर इन प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रक्रियाओं के लंबित रहने के कारण किसी भी परियोजना का निर्माण कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए।
अधिकारियों को लंबित प्रकरणों की लगातार निगरानी करते हुए उनके शीघ्र निराकरण पर जोर दिया गया।
डोंगरगढ़ प्रसाद योजना के बचे कार्य जल्द होंगे पूरे
बैठक में प्रसाद योजना के अंतर्गत डोंगरगढ़ में चल रहे पर्यटन विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई।
डॉ. भारतीदासन ने बताया कि यह परियोजना पूर्णता के करीब है। ऐसे में उन्होंने संबंधित क्रियान्वयन एजेंसियों को शेष कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने शेष कार्यों के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने और निर्धारित अवधि के भीतर सभी कार्य पूरे करने को कहा, ताकि परियोजना का लाभ जल्द पर्यटकों और श्रद्धालुओं को मिल सके।
मयाली पर्यटन परियोजना और भोरमदेव कॉरिडोर की भी समीक्षा
बैठक में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण पर्यटन परियोजनाओं में शामिल जशपुर जिले के बगीचा स्थित मयाली पर्यटन परियोजना और भोरमदेव कॉरिडोर पर्यटन परियोजना की प्रगति भी देखी गई।
इन परियोजनाओं में स्ट्रक्चर वेटिंग और तकनीकी स्वीकृति से संबंधित प्रक्रियाओं को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
सचिव ने अधिकारियों को स्थल पर किए गए प्रारंभिक कार्यों का तकनीकी परीक्षण कराने और उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आगे होने वाला निर्माण स्वीकृत कार्ययोजना और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप हो।
निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
बैठक में पर्यटन परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर भी सचिव ने सख्त रुख अपनाया।
डॉ. भारतीदासन ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित तकनीकी निगरानी और गुणवत्ता परीक्षण को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
साथ ही कार्यों का मापन और मूल्यांकन वास्तविक भौतिक प्रगति के आधार पर करने तथा उसी के अनुरूप नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित करने को कहा।
इसका मतलब साफ है कि परियोजना की कागजी प्रगति के आधार पर नहीं, बल्कि जमीन पर हुए वास्तविक निर्माण कार्य के आधार पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
हर परियोजना के लिए जिम्मेदार अधिकारी होंगे तय
परियोजनाओं की निगरानी को और मजबूत करने के लिए सचिव ने छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड को प्रत्येक केंद्रीय पर्यटन परियोजना के लिए जिम्मेदार अधिकारी निर्धारित करने के निर्देश दिए।
ये अधिकारी संबंधित परियोजना की नियमित निगरानी करेंगे और हर महीने उसकी प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
इस व्यवस्था से यह पता लगाने में आसानी होगी कि कौन-सी परियोजना किस स्तर पर है, कहां काम लंबित है और उसे आगे बढ़ाने के लिए किस तरह की कार्रवाई की आवश्यकता है।
अगली बैठक में पेश होगी Action Taken Report
सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने अगली समीक्षा बैठक को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अगली बैठक में प्रत्येक परियोजना की प्रगति के साथ Action Taken Report यानी एटीआर भी प्रस्तुत की जाएगी।
इस रिपोर्ट में पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों पर की गई कार्रवाई, परियोजना की वास्तविक प्रगति और लंबित कार्यों की स्थिति स्पष्ट रूप से बतानी होगी।
इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि समीक्षा बैठकों में दिए गए निर्देश केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उन पर वास्तविक कार्रवाई भी हो।
पर्यटन विकास को मिलेगी नई गति
छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। ऐसे में केंद्रीय योजनाओं के तहत चल रही परियोजनाओं का समय पर पूरा होना पर्यटन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार का जोर अब परियोजनाओं को केवल स्वीकृति और निर्माण तक सीमित रखने के बजाय उन्हें समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और उपयोगी पर्यटन परिसंपत्तियों के रूप में विकसित करने पर है।
डोंगरगढ़, भोरमदेव और मयाली जैसी परियोजनाओं के साथ राज्य में स्वदेश दर्शन 2.0, CBDD, SASCI और प्रसाद योजना के तहत चल रहे कार्यों की लगातार निगरानी से पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य, डीजीएम श्रीमती पूनम शर्मा, पर्यटन विभाग की अवर सचिव श्रीमती रुचि शर्मा सहित पर्यटन बोर्ड के अभियंता, क्रियान्वयन एजेंसियों के प्रतिनिधि, सलाहकार, वास्तुविद और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
