रायपुर, 26 जून 2026। खरीफ सीजन 2026 को सफल बनाने और किसानों को समय पर कृषि सामग्री उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग, नारायणपुर ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले में रासायनिक उर्वरकों और प्रमाणित बीजों के भंडारण एवं वितरण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है, ताकि मानसून के दौरान किसानों को बुवाई में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। विभाग की ताजा प्रगति रिपोर्ट के अनुसार लक्ष्य के मुकाबले खाद और बीज दोनों के भंडारण तथा वितरण में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
खाद के भंडारण और वितरण में तेज प्रगति
कृषि विभाग ने इस वर्ष जिले में 4,645 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके मुकाबले अब तक 2,187.80 मीट्रिक टन खाद का सुरक्षित भंडारण किया जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 47 प्रतिशत है।
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भंडारित खाद में से 1,511.35 मीट्रिक टन यानी उपलब्ध स्टॉक का लगभग 69 प्रतिशत किसानों को वितरित किया जा चुका है। इससे किसानों को बुवाई के शुरुआती चरण में आवश्यक उर्वरक समय पर उपलब्ध हो रहे हैं और खेतों में पोषण संबंधी जरूरतें पूरी की जा रही हैं।
प्रमाणित बीजों का 87 प्रतिशत भंडारण पूरा
बेहतर उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए प्रमाणित बीजों की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। जिले को इस खरीफ सीजन के लिए 2,303 क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य मिला है।

इसके मुकाबले कृषि विभाग ने अब तक 2,011.80 क्विंटल बीजों का भंडारण कर लिया है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 87 प्रतिशत है। उपलब्ध बीजों में से 1,355.96 क्विंटल यानी लगभग 67 प्रतिशत किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। इसके चलते किसान अपने खेतों में बुवाई की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
किसानों को समय पर मिले कृषि सामग्री, यही प्राथमिकता
जिला कृषि विभाग की उपसंचालक ने बताया कि इस वर्ष पूरी रणनीति एडवांस प्लानिंग के आधार पर तैयार की गई है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बुवाई के समय किसी भी किसान को खाद या बीज के लिए लंबी कतारों में न लगना पड़े और न ही किसी प्रकार की कमी का सामना करना पड़े।
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उन्होंने बताया कि खाद और प्रमाणित बीजों का भंडारण तथा वितरण समानांतर रूप से किया जा रहा है, जिससे जिले के दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों के किसानों तक भी समय पर कृषि सामग्री पहुंचाई जा सके।
कालाबाजारी रोकने और पारदर्शी वितरण पर विशेष जोर
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं एवं शासकीय सहकारी समितियों से ही खाद और बीज की खरीदी करें। खरीदारी के दौरान पावती या बिल अवश्य प्राप्त करें, ताकि किसी भी प्रकार की शिकायत की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी किसान को खाद-बीज की कमी, गुणवत्ता संबंधी समस्या अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायत मिले, तो वे तत्काल अपने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) अथवा जिला कृषि कार्यालय से संपर्क करें। पारदर्शी वितरण व्यवस्था और कालाबाजारी पर रोक कृषि विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है।
