बलरामपुर। जिले में शासकीय जमीनों पर अतिक्रमण के मामलों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में राजपुर विकासखंड के चाची गांव के सैकड़ों ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा वहां प्रस्तावित पहाड़ी कोरवा आश्रम के निर्माण की मांग की।
शासकीय भूमि पर कब्जे का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार मामला बरियों उप तहसील क्षेत्र के चाची गांव का है, जहां लगभग 14 एकड़ शासकीय भूमि स्थित है। इस भूमि पर धरती आबा योजना के तहत विशेष संरक्षित जनजाति पहाड़ी कोरवा आश्रम निर्माण प्रस्तावित है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य के लिए कुछ सामग्री भी मौके पर पहुंचाई जा चुकी है।
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इसके बावजूद पड़ोसी बघिमा गांव के कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से ट्रैक्टर से जुताई कर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।
आश्रम निर्माण से मिलेगा क्षेत्र को लाभ
चाची गांव के ग्रामीणों का कहना है कि यदि उक्त भूमि पर पहाड़ी कोरवा आश्रम और अन्य शासकीय भवनों का निर्माण होता है तो क्षेत्र के बच्चों और आसपास के गांवों को इसका लाभ मिलेगा। उनका आरोप है कि कुछ लोग व्यक्तिगत खेती के उद्देश्य से सरकारी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से विवाद चल रहा है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इसी कारण वे अपनी मांग लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे।
कलेक्टर से की शिकायत
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी और भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की। ग्रामीणों का दावा है कि प्रशासन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

जांच के बाद होगी कार्रवाई : प्रशासन
बरियों के नायब तहसीलदार नरेंद्र कुमार कंवर ने बताया कि यह मामला ग्राम चाची का है, जहां धरती आबा योजना के तहत छात्रावास एवं अन्य निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं।
उन्होंने कहा कि संबंधित भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत प्राप्त हुई है। राजस्व विभाग द्वारा मामले की जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन गांव की शासकीय भूमि है और इसका उपयोग जनहित के कार्यों के लिए होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि अतिक्रमण की कोशिशों पर रोक लगाकर जल्द से जल्द आश्रम निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया जाए।
