बलरामपुर। जिले के अर्धशासकीय (अनुदान प्राप्त निजी) विद्यालयों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों को विद्यार्थियों की पाठ्यपुस्तकें प्राप्त करने के लिए अंबिकापुर नहीं जाना पड़ेगा। शिक्षा विभाग ने बलरामपुर में ही अस्थायी बुक डिपो स्थापित करने की तैयारी पूरी कर ली है, जिससे जिले के स्कूलों को स्थानीय स्तर पर ही पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।
1 जुलाई से शुरू होगा पुस्तक वितरण
जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने बताया कि जिले के सभी अर्धशासकीय विद्यालयों के लिए पाठ्यपुस्तकों का वितरण 1 जुलाई 2026 से शुरू किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं और वितरण कार्य को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति भी कर दी गई है।
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शिक्षकों को नहीं करना पड़ेगा अंबिकापुर का सफर
अब तक बलरामपुर जिले के स्कूलों को किताबें लेने के लिए अंबिकापुर जाना पड़ता था। इससे शिक्षकों और स्कूल प्रतिनिधियों को अतिरिक्त समय, यात्रा और खर्च का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह परेशानी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
समय और संसाधनों की होगी बचत
स्थानीय स्तर पर बुक डिपो खुलने से विद्यालयों को समय पर पुस्तकें मिल सकेंगी। इससे न केवल शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन का समय बचेगा, बल्कि परिवहन और अन्य खर्चों में भी कमी आएगी।
विद्यार्थियों को समय पर मिलेंगी किताबें
शिक्षा विभाग का मानना है कि जिले में ही पुस्तक वितरण की सुविधा उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही आवश्यक पाठ्यपुस्तकें मिल जाएंगी। इससे पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी और शैक्षणिक गतिविधियां समय पर शुरू की जा सकेंगी।
शिक्षा व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की यह पहल ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों के लिए भी लाभकारी साबित होगी। स्थानीय स्तर पर पुस्तक उपलब्धता सुनिश्चित होने से शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुचारू बनाने में मदद मिलेगी।
