बेमेतरा। जिले में नशा मुक्ति अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट स्थित दिशा सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय नारको को-ऑर्डिनेशन समन्वय समिति की बैठक में कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने स्पष्ट कहा कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल तस्करों और अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
नशे के खिलाफ प्रशासन की बड़ी पहल
बैठक में नशीले पदार्थों की रोकथाम, अवैध कारोबार पर नियंत्रण, जनजागरूकता अभियान तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वित कार्रवाई की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी चुनौती है, जो युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रही है।
उन्होंने कहा कि जिले को नशामुक्त बनाने के लिए प्रशासन, पुलिस, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और समाज के सभी वर्गों को मिलकर कार्य करना होगा।

तस्करों और सरगनाओं पर होगी कड़ी कार्रवाई
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार, परिवहन और बिक्री पर लगातार निगरानी रखी जाए। नशीली दवाओं और अन्य प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी के मामलों में तत्काल और कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों में शामिल मुख्य सरगनाओं और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाए, जिससे पूरे नेटवर्क को खत्म किया जा सके।
युवाओं को नशे से बचाने पर जोर
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि नशे के खिलाफ केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाए जाएं। स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया जाएगा।

प्रशासन का मानना है कि समाज की भागीदारी के बिना नशा मुक्ति अभियान को सफल नहीं बनाया जा सकता। इसलिए विभिन्न विभागों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की तैयारी की जा रही है।
जीरो टॉलरेंस नीति पर काम
कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा कि बेमेतरा जिले में नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। प्रशासन का लक्ष्य न केवल नशे के कारोबार पर रोक लगाना है, बल्कि युवाओं को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना भी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि जिले में नशे के कारोबार को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
