रायपुर। आपातकाल को लेकर भाजपा द्वारा चलाए जा रहे अभियानों पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij ने कहा कि वर्ष 1975 में लगाया गया आपातकाल संविधान के प्रावधानों के तहत लिया गया निर्णय था, जबकि वर्तमान समय में देश में अघोषित आपातकाल जैसी परिस्थितियां बनी हुई हैं।
आपातकाल संवैधानिक व्यवस्था के तहत लगाया गया था : कांग्रेस
दीपक बैज ने कहा कि तत्कालीन परिस्थितियों को देखते हुए राष्ट्रपति और केंद्र सरकार ने संवैधानिक प्रावधानों के तहत आपातकाल लागू किया था। उनका कहना है कि उस समय कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक चुनौतियों से निपटने के लिए यह निर्णय लिया गया था और परिस्थितियां सामान्य होने के बाद आपातकाल समाप्त कर दिया गया था।
उन्होंने कहा कि उस दौर में व्यवस्था विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी और कानून के तहत कदम उठाए गए थे।
“2014 से अघोषित आपातकाल चल रहा”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 के बाद से देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता प्रभावित हुई है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दलों को कमजोर करने, जनप्रतिनिधियों को तोड़ने और राजनीतिक दबाव बनाने जैसी घटनाओं ने लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
बैज ने कहा कि चुनाव आयोग, संवैधानिक संस्थाओं और अन्य लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं।
लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव का आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के कार्यकाल में न्यायपालिका, मीडिया और अन्य स्वतंत्र संस्थाओं पर दबाव की स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं, सामाजिक आंदोलनों और सरकार की आलोचना करने वालों के खिलाफ एजेंसियों के उपयोग के आरोप लगातार सामने आते रहे हैं।
महंगाई, बेरोजगारी और जनसमस्याओं को बताया बड़ा मुद्दा
दीपक बैज ने कहा कि देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक की घटनाएं और आम लोगों की आर्थिक परेशानियां गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के मूलभूत मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए आपातकाल का मुद्दा बार-बार उठाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों, युवाओं और विभिन्न वर्गों की समस्याओं को लेकर आवाज उठाने वालों को दबाने की कोशिश की जाती है।
भाजपा के कार्यक्रमों पर उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आपातकाल का विरोध करने वाले संगठन और नेता आज अपनी ही सरकार के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों पर उठ रहे सवालों पर चुप हैं। उन्होंने भाजपा द्वारा आपातकाल विरोधी कार्यक्रमों को राजनीतिक अभियान बताया।
कांग्रेस का दावा है कि वर्तमान परिस्थितियों पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
