रायपुर। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाले सहकारिता सप्ताह को लेकर छत्तीसगढ़ में तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य स्तरीय कार्यक्रमों की समीक्षा के लिए नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने विभागीय अधिकारियों, सहकारी संस्थाओं और विभिन्न महासंघों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
सहकारिता को मिली नई दिशा: मंत्री केदार कश्यप
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय सहकारिता मंत्री Amit Shah के नेतृत्व में देश में सहकारिता क्षेत्र को नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि सहकारिता अब केवल एक विभाग नहीं, बल्कि किसानों की समृद्धि, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का सशक्त माध्यम बन चुकी है।
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जिला स्तर तक होंगे कार्यक्रम
मंत्री कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सहकारिता सप्ताह को केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे जनभागीदारी आधारित अभियान का रूप दिया जाए। इसके तहत राज्य के सभी जिलों, विकासखंडों और सहकारी समितियों में कार्यक्रम आयोजित कर किसानों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों को जोड़ा जाएगा।

उन्होंने कहा कि जागरूकता, सहभागिता और नवाचार इस अभियान के मुख्य केंद्र बिंदु होंगे।
किसानों और महिला समूहों की भागीदारी पर जोर
बैठक में निर्देश दिए गए कि सहकारी योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए। विशेष रूप से—
- किसान
- महिला स्व-सहायता समूह
- दुग्ध उत्पादक
- मत्स्य पालक
- वनोपज संग्राहक
- हस्तशिल्पी
की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि सहकारिता से मिलने वाले लाभों का व्यापक प्रचार-प्रसार हो सके।
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राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में दिखेगी सफलता की कहानियां
समीक्षा बैठक में राज्य स्तरीय प्रदर्शनी की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मंत्री कश्यप ने कहा कि प्रदर्शनी में केवल आंकड़े और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बजाय सहकारिता से लाभान्वित लोगों की सफलता की कहानियां, नवाचार और जमीनी उपलब्धियां प्रदर्शित की जाएं।
उनका कहना था कि इससे आम लोगों को सहकारिता की वास्तविक ताकत और उसके सामाजिक-आर्थिक प्रभाव को समझने का अवसर मिलेगा।
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डिजिटल और आधुनिक सहकारिता पर रहेगा फोकस
मंत्री कश्यप ने कहा कि सहकारी संस्थाओं को आधुनिक तकनीक, डिजिटल सेवाओं, मूल्य संवर्धन और बेहतर विपणन व्यवस्था से जोड़ना समय की जरूरत है। सहकारिता सप्ताह के दौरान इन विषयों पर विशेष प्रदर्शन और चर्चाएं आयोजित की जाएंगी।
सहकारी संस्थाओं की भूमिका पर चर्चा
बैठक में जिला सहकारी बैंक, प्राथमिक कृषि साख समितियां, विपणन संघ, दुग्ध महासंघ, मत्स्य महासंघ, लघुवनोपज संघ सहित विभिन्न सहकारी संस्थाओं की भूमिका और उपलब्धियों की समीक्षा की गई।
मंत्री ने सभी संस्थाओं से अपनी उपलब्धियों, नवाचारों और भविष्य की योजनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का आग्रह किया।
“सहकार से समृद्धि” को जन-जन तक पहुंचाने का लक्ष्य
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि “सहकार से समृद्धि” केवल एक नारा नहीं बल्कि कार्यसंस्कृति का आधार है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि सहकारिता का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी सहकारी राज्यों में अपनी पहचान स्थापित करे।
