रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को राजनांदगांव के स्टेट हाई स्कूल मैदान में आयोजित प्रगतिशील किसान सम्मेलन एवं लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में 510 करोड़ 89 लाख रुपये से अधिक लागत के 333 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि, गांवों का विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारते हुए प्रदेश में विकास और सुशासन के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं।
विकास कार्यों से बदलेगी राजनांदगांव की तस्वीर
मुख्यमंत्री श्री साय ने राजनांदगांव जिले के लिए कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की घोषणा की। इनमें शिवनाथ नदी के मोहारा मेला स्थल से ऑक्सीजन जोन तक सस्पेंशन ब्रिज, ईरा एनीकट निर्माण एवं संरक्षण कार्य, कुमरदा-गेंदाटोला-कल्लूबंजारी मार्ग निर्माण तथा घुमरिया व्यपवर्तन जीर्णोद्धार जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से जिले में आधारभूत संरचना मजबूत होगी और लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
फसल विविधीकरण का मॉडल बन रहा राजनांदगांव
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनांदगांव जिले ने फसल चक्र परिवर्तन और जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। यहां किसानों को पारंपरिक धान खेती के साथ-साथ दलहन, तिलहन और अन्य लाभकारी फसलों की खेती के लिए प्रेरित किया गया है।
उन्होंने कहा कि इसके सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं और जिले के किसान फसल विविधीकरण के माध्यम से आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
धान के स्थान पर अन्य फसल लेने पर मिलेगा 15 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि खरीफ 2026 से कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर दलहन, तिलहन अथवा अन्य फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस प्रोत्साहन से किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रेरणा मिलेगी और उनकी आय में वृद्धि होगी। साथ ही जल संरक्षण और भूमि की उर्वरता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
किसान हितैषी योजनाओं से मिल रहा आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कृषक उन्नति योजना, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी तथा अन्य किसान कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को समय पर खाद, बीज और अन्य कृषि संसाधन उपलब्ध कराने के लिए भी प्रतिबद्ध है, ताकि खेती-किसानी को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।

सीएम हेल्पलाइन और ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं से बढ़ रहा सुशासन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन को मजबूत बनाने के लिए लगातार तकनीक आधारित सेवाओं का विस्तार कर रही है।
उन्होंने बताया कि सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज कराकर निर्धारित समय-सीमा में समाधान प्राप्त कर सकते हैं। वहीं ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली के जरिए आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न विभागों की 400 से अधिक सेवाएं घर बैठे उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बिजली बिल समाधान और सोलर योजना से मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के माध्यम से जरूरतमंद उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की जा रही है।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के जरिए लोगों को दीर्घकालिक बिजली राहत उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपने घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का आह्वान भी किया।
किसानों के लिए हुआ महत्वपूर्ण एमओयू
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन और एबीस एक्सपोर्ट के बीच किसानों के सोयाबीन उत्पाद की खरीदी के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
इसके अलावा प्रगतिशील किसानों, कृषि सखी दीदियों, सरपंचों और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों का सम्मान किया गया। फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए किसानों को मिनी किट भी वितरित किए गए।
डॉ. रमन सिंह ने फसल चक्र परिवर्तन की सराहना की
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव में फसल चक्र परिवर्तन और जल संरक्षण को लेकर व्यापक जनजागरण किया गया है।
उन्होंने पद्मश्री फूलबासन बाई यादव और महिला स्व-सहायता समूहों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि किसानों में जागरूकता बढ़ने से फसल विविधीकरण को नई गति मिली है और जिले में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है।
