रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने राज्य के नगरीय निकायों में विकास कार्यों और जन सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सक्रिय और प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मंत्रालय में आयोजित बैठक में जिलेवार नियुक्त नोडल अधिकारियों से कहा कि नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्यों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने के लिए नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में आने वाली समस्याओं का समाधान निकालते हुए योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
नोडल अधिकारियों की बैठक में हुई विस्तृत समीक्षा
नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने नोडल अधिकारियों के साथ बैठक कर उनके द्वारा किए गए नगरीय निकायों के भ्रमण और बैठकों का फीडबैक लिया।

बैठक में विभिन्न निकायों में चल रहे विकास कार्यों, निर्माण परियोजनाओं और जन सुविधाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली गई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निरीक्षण के दौरान केवल औपचारिकता न निभाई जाए, बल्कि प्रत्येक परियोजना की जमीनी स्थिति का गंभीरता से मूल्यांकन किया जाए।
पूरी तैयारी के साथ करें मैदानी निरीक्षण
सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नगरीय निकायों के निरीक्षण के लिए पूरी तैयारी के साथ जाएं और संबंधित योजनाओं की विस्तृत जानकारी अपने पास रखें।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को यह जानकारी होनी चाहिए कि पिछले दो वित्तीय वर्षों में विभिन्न विकास कार्यों और निर्माण परियोजनाओं के लिए कितनी राशि जारी की गई है और उसका उपयोग किस प्रकार किया गया है।
इससे परियोजनाओं की प्रगति और वित्तीय प्रबंधन की बेहतर समीक्षा संभव हो सकेगी।
हर महीने करें योजनाओं और निर्माण कार्यों की समीक्षा
श्रीमती शंगीता आर. ने नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने आबंटित जिलों में प्रगतिरत निर्माण कार्यों के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की भी नियमित समीक्षा करें।
उन्होंने कहा कि मासिक समीक्षा के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं की पहचान कर उनका समय पर समाधान किया जा सकता है, जिससे विकास कार्यों की गति प्रभावित नहीं होगी।
आत्मनिर्भर निकायों को किया जाएगा प्रोत्साहित
बैठक में नगरीय निकायों की आय-व्यय स्थिति पर भी चर्चा की गई।
सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने जिलों के नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति पर नजर रखें और जो निकाय अपनी आय के माध्यम से स्वयं की व्यवस्थाएं संचालित करने में सक्षम हैं, उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करें।
उन्होंने कहा कि मजबूत वित्तीय प्रबंधन से नगरीय निकायों की कार्यक्षमता और विकास क्षमता दोनों में वृद्धि होगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना को वार्ड स्तर तक पहुंचाने के निर्देश
श्रीमती शंगीता आर. ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक नगरीय निकाय में लक्ष्य निर्धारित कर वार्डवार प्रधानमंत्री आवास योजना को सेचुरेट किया जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ समय पर मिल सके।
103 नगरीय निकायों का कर चुके हैं निरीक्षण
नगरीय प्रशासन विभाग ने विकास कार्यों और योजनाओं की जमीनी निगरानी को मजबूत बनाने के लिए सभी राज्य स्तरीय नोडल अधिकारियों को नियमित रूप से अपने-अपने जिलों के नगरीय निकायों का भ्रमण करने के निर्देश दिए हैं।
विगत 6 जून को सभी नोडल अधिकारियों ने एक साथ अपने जिलों में पहुंचकर योजनाओं की प्रगति, चुनौतियों और क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का आकलन किया था।
अब तक राज्य के 194 नगरीय निकायों में से 103 निकायों का मैदानी निरीक्षण किया जा चुका है। विभाग का मानना है कि इस पहल से योजनाओं की प्रभावी निगरानी, समस्याओं का त्वरित समाधान और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुई समीक्षा बैठक
बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक श्री आर. एक्का, उप सचिव श्री भागवत जायसवाल, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय, अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य तथा मुख्य अभियंता श्री राजेश शर्मा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
