रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ सख्त अभियान लगातार जारी है। राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत खनिज विभाग द्वारा विभिन्न जिलों में औचक निरीक्षण और तकनीकी जांच के माध्यम से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा रहा है। इसी क्रम में केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने बलौदाबाजार और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए छह क्रशर इकाइयों को सीलबंद किया तथा अवैध रेत उत्खनन में प्रयुक्त एक चैन माउंटेन मशीन को जब्त कर लिया।
केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने चलाया विशेष अभियान
खनिज साधन विभाग के सचिव और संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने प्राप्त शिकायतों के आधार पर 21 और 22 जून 2026 को विभिन्न जिलों में औचक निरीक्षण अभियान चलाया।

अभियान के दौरान खनन स्थलों, भंडारण अनुज्ञप्ति क्षेत्रों और नदी तटों पर जाकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने मौके पर दस्तावेजों की जांच के साथ खनन गतिविधियों का सत्यापन भी किया।
बलौदाबाजार में छह क्रशर इकाइयों पर कार्रवाई
जिला बलौदाबाजार के ग्राम खपरीडीह में गौण खनिज निम्न श्रेणी चूनापत्थर से संबंधित स्वीकृत अस्थायी भंडारण अनुज्ञप्ति स्थलों और खदानों का निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं सामने आने पर छह क्रशर इकाइयों को तत्काल प्रभाव से सीलबंद कर दिया गया। इसके साथ ही संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों के उल्लंघन के मामलों में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महानदी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन करते पकड़ी गई मशीन
जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के ग्राम दहिदा स्थित महानदी क्षेत्र में भी औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान एक चैन माउंटेन मशीन द्वारा अवैध रूप से रेत उत्खनन किया जाना पाया गया।
खनिज अधिनियम के प्रावधानों के तहत मशीन को तत्काल जब्त कर आगामी आदेश तक सीलबंद कर दिया गया। मशीन को मशीन ऑपरेटर की सुपुर्दगी में रखा गया है तथा मशीन स्वामी को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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ड्रोन सर्वे से हुई गतिविधियों की सटीक निगरानी
कार्रवाई के दौरान सभी स्थलों की जांच और सत्यापन आधुनिक ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक के माध्यम से भी किया गया।
अधिकारियों के अनुसार ड्रोन तकनीक की सहायता से खनन क्षेत्रों का सटीक आकलन संभव हो रहा है, जिससे अवैध खनन, परिवहन और भंडारण की गतिविधियों की पहचान अधिक प्रभावी ढंग से की जा रही है। राज्य सरकार अब संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी में आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग कर रही है।
मुख्यमंत्री ने दोहराई सख्त कार्रवाई की चेतावनी
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण की गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और खनिज संपदा का नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
आधुनिक तकनीक से होगी सतत निगरानी
खनिज सचिव श्री पी. दयानंद ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ड्रोन सर्वेक्षण, आधुनिक तकनीक और सतत निगरानी के माध्यम से अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए।
उन्होंने कहा कि प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण अभियान संचालित किए जाएं, ताकि अवैध खनन नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
संयुक्त टीम की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
पूरे अभियान के दौरान केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम तथा संबंधित जिलों की जिला स्तरीय टीम के अधिकारी मौजूद रहे।
विभाग का कहना है कि प्रदेशभर में ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे और खनिज संसाधनों के अवैध दोहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
