रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन से सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के लिए विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत के राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र है, जिसने सदियों से देशवासियों को एकजुट करने का कार्य किया है।
इस विशेष यात्रा के तहत छत्तीसगढ़ से 1000 से अधिक विशिष्टजन, पद्मश्री सम्मान प्राप्त व्यक्तित्व, राज्य एवं राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित कलाकार, साहित्यकार और श्रद्धालु सोमनाथ धाम के लिए रवाना हुए।

राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है सोमनाथ मंदिर
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि इतिहास में अनेक बार आक्रांताओं द्वारा मंदिर को ध्वस्त किया गया, लेकिन हर बार इसका पुनर्निर्माण हुआ। यह भारतीय समाज की अटूट श्रद्धा, विश्वास और सांस्कृतिक शक्ति का जीवंत उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने भगवान सोमनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना भी की।
1000 से अधिक श्रद्धालु हुए यात्रा में शामिल
सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा में प्रदेश के विभिन्न जिलों से 1000 से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए हैं। इनमें पद्मश्री सम्मानित व्यक्तित्व, राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर सम्मानित कलाकार, साहित्यकार तथा विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट हस्तियां भी शामिल हैं।

यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक दर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता और विरासत के प्रति जनजागरण को भी बढ़ावा देना है।
छत्तीसगढ़ की पावन माटी और नदियों का जल होगा अर्पित
इस यात्रा की विशेषता यह है कि श्रद्धालु अपने साथ छत्तीसगढ़ के विभिन्न धार्मिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के शिवालयों की पावन माटी तथा प्रदेश की पवित्र नदियों का जल कलश लेकर रवाना हुए हैं।
सोमनाथ धाम पहुंचकर श्रद्धालु भगवान सोमनाथ को यह पवित्र माटी और जल अर्पित करेंगे। इसे छत्तीसगढ़ और गुजरात के बीच सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

पूरे देश में मनाया जा रहा है सोमनाथ स्वाभिमान पर्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक पूरे देश में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ राष्ट्रीय स्मरणोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है।
इसी श्रृंखला में विभिन्न राज्यों में सोमनाथ स्वाभिमान यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है, जिससे नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
सरदार पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद के योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का स्मरण करते हुए कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद उन्होंने राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीक के रूप में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था।
उन्होंने कहा कि लगभग 75 वर्ष पूर्व भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर का लोकार्पण किया था, जो भारतीय इतिहास का गौरवशाली अध्याय है।
सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण है यह यात्रा
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से कलाकार, साहित्यकार और सम्मानित व्यक्तित्व अपने साथ धार्मिक स्थलों की पावन माटी और नदियों का जल लेकर जा रहे हैं। यह यात्रा भारत की सांस्कृतिक एकता और विविधता में एकता की भावना को सशक्त करने वाली पहल है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन देश के विभिन्न राज्यों और संस्कृतियों को जोड़ने का कार्य करते हैं।
संस्कृति मंत्री ने भी दी शुभकामनाएं
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सोमनाथ धाम की यह यात्रा श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति के साथ-साथ भारत की महान सांस्कृतिक परंपरा और राष्ट्रीय गौरव को निकट से जानने का अवसर प्रदान करेगी।
उन्होंने भगवान सोमनाथ से छत्तीसगढ़ और पूरे देश की समृद्धि, शांति और निरंतर विकास की प्रार्थना की।
श्रद्धालुओं को अंगवस्त्र भेंट कर किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उनकी मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने श्रद्धालुओं को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक धरमलाल कौशिक, अनुज शर्मा, इंद्रकुमार साहू, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, संपत अग्रवाल, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
