रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग की भर्ती प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया है कि सरकार के फैसलों में विरोधाभास दिखाई दे रहा है। एक ओर प्रदेश में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की कमी का हवाला देकर दूसरे राज्यों के चिकित्सकों और नर्सिंग कर्मियों को नियुक्त करने की तैयारी की जा रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय नर्सिंग स्टाफ को इजराइल में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विज्ञापन जारी किया गया है।
कांग्रेस ने उठाए कई सवाल
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि यदि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की कमी है, तो स्थानीय प्रशिक्षित युवाओं की भर्ती क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य में ही स्वास्थ्यकर्मियों की आवश्यकता है, तब उन्हें विदेश में नौकरी के अवसर देने का विज्ञापन जारी करने का क्या औचित्य है।
उन्होंने कहा कि सरकार के दोनों फैसले एक-दूसरे के विपरीत नजर आते हैं और इससे स्थानीय युवाओं के हित प्रभावित हो सकते हैं।
स्थानीय भर्ती को प्राथमिकता देने की मांग
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि दूसरे राज्यों के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की भर्ती का प्रदेश के स्थानीय स्वास्थ्यकर्मी भी विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकारी अस्पतालों में पहले स्थानीय डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को अवसर दिया जाना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि संविदा नियुक्तियों के बजाय नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि प्रदेश के योग्य युवाओं को रोजगार मिल सके और स्वास्थ्य सेवाएं भी मजबूत हों।
सरकार के फैसले का विरोध
प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार द्वारा जारी इजराइल में नर्सिंग स्टाफ की भर्ती संबंधी विज्ञापन तथा दूसरे राज्यों के डॉक्टरों और नर्सिंग कर्मियों की भर्ती के निर्णय का विरोध किया है। कांग्रेस ने मांग की है कि सरकारी अस्पतालों में रिक्त पदों पर सबसे पहले छत्तीसगढ़ के स्थानीय डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की नियमित भर्ती की जाए।
कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए और स्वास्थ्य विभाग में नियुक्तियों के मामले में स्थानीय उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
