जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। संभाग मुख्यालय स्थित राजीव भवन, जगदलपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में पूर्व मंत्री मोहन मरकाम ने कहा कि बिजली की कीमतों में लगातार वृद्धि जनता पर सीधा आर्थिक बोझ डालने जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में पांचवीं बार बिजली दरों में बढ़ोतरी की गई है, जिसका कांग्रेस पुरजोर विरोध करती है।
बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य की अध्यक्षता में आयोजित प्रेसवार्ता में मोहन मरकाम ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तथा गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक बिजली दरें बढ़ाई गई हैं। वहीं कृषि पंपों की बिजली दरों में भी 40 पैसे की वृद्धि की गई है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
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“बिजली बिलों से परेशान है जनता”
मोहन मरकाम ने आरोप लगाया कि प्रदेश में पहले से ही उपभोक्ता बढ़े हुए बिजली बिलों से परेशान हैं। ऐसे समय में सरकार राहत देने के बजाय लगातार बिजली महंगी कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में विद्युत ईंधन अधिभार (एमपीपीएस) के नाम पर भी बिजली दरों में बढ़ोतरी की गई थी।

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों के कार्यकाल में बिजली दरों में केवल दो पैसे की वृद्धि हुई थी और उस दौरान 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना भी लागू थी। जबकि वर्तमान सरकार ने उस योजना को बंद कर दिया और बार-बार बिजली दरें बढ़ाकर जनता पर आर्थिक बोझ डाल रही है।
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स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिलों पर उठाए सवाल
पूर्व मंत्री मरकाम ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेशभर में उपभोक्ताओं की शिकायतें मिल रही हैं कि स्मार्ट मीटर वास्तविक खपत से अधिक रीडिंग दर्ज कर रहे हैं। इससे बिजली बिलों में कई गुना बढ़ोतरी हो रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर के जरिए अधिक खपत दिखाकर उपभोक्ताओं का अनुबंध भार बढ़ाया जा रहा है और बाद में अतिरिक्त शुल्क एवं अर्थदंड जोड़कर भारी-भरकम बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। उनके अनुसार जून माह में 45 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को सामान्य से कई गुना अधिक बिजली बिल प्राप्त हुए हैं।
सरकार से स्मार्ट मीटर वापस लेने की मांग
मोहन मरकाम ने कहा कि बिजली बिल अधिक आने के तीन प्रमुख कारण हैं—बिजली दरों में बढ़ोतरी, बिजली बिल हाफ योजना का बंद होना और स्मार्ट मीटर की कथित गलत रीडिंग। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर पुनर्विचार किया गया है और छत्तीसगढ़ सरकार को भी जनहित में इस व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनता एक ओर बिजली कटौती से परेशान है और दूसरी ओर बढ़े हुए बिजली बिलों का सामना कर रही है। ऐसे में सरकार को उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
प्रेसवार्ता में जिला कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने बिजली दरों में बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटर व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस के आगामी आंदोलन को समर्थन देने की बात कही।
