बिलासपुर। शासकीय पीजी कन्या पोस्ट मैट्रिक छात्रावास से जुड़ा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। छात्रावास की व्यवस्थाओं और अधीक्षिका के कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। मामले में छात्राओं और स्थानीय लोगों द्वारा प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
मामले को लेकर सामने आए एक बयान में आरोप लगाया गया है कि छात्रावास में रहने वाली छात्राओं पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। वक्ता का दावा है कि छात्राओं से बातचीत के दौरान कई समस्याएं सामने आईं, जिनमें मानसिक दबाव, छात्रावास प्रबंधन का रवैया और सुविधाओं से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
परीक्षा के दौरान दबाव बनाने का आरोप
बयान में कहा गया है कि कई छात्राओं की परीक्षाएं अभी जारी हैं और वे अंतिम सेमेस्टर की पढ़ाई कर रही हैं। ऐसे समय में उन पर अतिरिक्त दबाव डालना उनके मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।
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वक्ता ने कहा कि छात्रावास विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित किए जाते हैं, जहां उन्हें पढ़ाई और व्यक्तिगत विकास के लिए अनुकूल माहौल मिलना चाहिए।
छात्रावास सुविधाओं को लेकर भी उठे सवाल
बयान में यह भी दावा किया गया कि छात्रावास में उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं का उद्देश्य छात्राओं की पढ़ाई और जीवन को बेहतर बनाना है। ऐसे में यदि विद्यार्थियों को स्वयं खाना बनाने या अन्य अतिरिक्त जिम्मेदारियां निभाने के लिए कहा जाता है, तो यह व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
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वक्ता ने कहा कि यदि किसी प्रकार की सुविधा की कमी है तो संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी देकर समाधान किया जाना चाहिए, न कि उसका भार छात्राओं पर डाला जाना चाहिए।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
मामले को लेकर प्रशासन से विस्तृत और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। वक्ता ने कहा कि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों के हितों और उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए।
फिलहाल छात्रावास प्रबंधन या संबंधित अधिकारियों की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासनिक जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
